रायपुर : माता सुंदरी पब्लिक स्कूल में आरबीआई ने आयोजित किया वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम

 


- विद्यार्थियों को मिला सुरक्षित बैंकिंग का ज्ञान

रायपुर, 27अगस्त (हि.स.)। विद्यार्थियों में वित्तीय समझ विकसित करने और उन्हें डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने माता सुंदरी पब्लिक स्कूल, रायपुर में भारतीय रिजर्व बैंक के वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग के मार्गदर्शन में गुरुवार को वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई से वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग की महाप्रबंधक नम्रता शुक्ला, एजीएम श्री हेमंत एवं एएम श्री राहुल तथा भारतीय रिजर्व बैंक, रायपुर से एएम नम्रता मेहुरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिला अग्रणी बैंक कार्यालय, रायपुर से एलडीएम मोहम्मद मोफिज एवं वित्तीय साक्षरता केंद्र रायपुर के एफएलसी दिलीप कुमार यदु ने भी सहभागिता की।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की विशेष पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग, बचत की आदत, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन लेन-देन तथा वित्तीय जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में वित्तीय अनुशासन अपनाने और बैंकिंग सेवाओं का समझदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

साइबर धोखाधड़ी से बचाव पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि ओटीपी, पिन, पासवर्ड और अन्य बैंकिंग गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और भ्रामक संदेशों से सतर्क रहने तथा किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की समझाइश दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि, साइबर धोखाधड़ी होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ संवाद किया और उनके प्रश्नों का समाधान किया। विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा डिजिटल वित्तीय सेवाओं का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर