जांजगीर-चांपा के पांच सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगी बैंकिंग, निवेश और साइबर सुरक्षा की व्यवहारिक शिक्षा

 




जांजगीर-चांपा, 21 जून (हि.स.)। विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले के पांच शासकीय विद्यालयों में जल्द ही वित्तीय प्रयोगशालाएं (फाइनेंशियल लैब) संचालित की जाएंगी। इसके प्रभावी संचालन और उपयोग के लिए आयोजित दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे की उपस्थिति में प्रशिक्षित शिक्षकों ने वित्तीय प्रयोगशालाओं में संचालित होने वाली विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया।

फाइनेंशियल लैब एक अभिनव शैक्षणिक पहल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को बैंकिंग, बीमा, बचत, निवेश, बजट निर्माण, उद्यमिता, उपभोक्ता अधिकार और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों की व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी। खास बात यह है कि यह शिक्षा पारंपरिक कक्षा पद्धति के बजाय खेल, गतिविधियों, सिमुलेशन, भूमिका-अभिनय और वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से दी जाएगी, जिससे विद्यार्थी जटिल वित्तीय अवधारणाओं को आसानी से समझ सकेंगे।

जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अकलतरा, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बलौदा, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पामगढ़, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बिर्रा तथा पीएम श्री विद्यालय नवागढ़ में वित्तीय प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे और आईडीबीआई बैंक के क्षेत्रीय एवं जोनलस्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों को देखा।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न मॉडल, खेल आधारित गतिविधियां और सिमुलेशन के जरिए यह प्रदर्शित किया कि विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता से जुड़े विषयों को किस प्रकार सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से सिखाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि वित्तीय शिक्षा केवल धन प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में जिम्मेदार निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान कौशल और उद्यमशील सोच विकसित करने का भी माध्यम है।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय साक्षरता एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं देंगी, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन में वित्तीय निर्णय लेने की समझ भी प्रदान करेंगी। खेल आधारित और सहभागितापूर्ण शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थी भविष्य की आर्थिक चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

उन्होंने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए आईडीबीआई बैंक, संस्था सी फॉर कॉमर्स तथा प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। वहीं आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना विद्यार्थियों में बचत की आदत, वित्तीय अनुशासन और आर्थिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गौरतलब है कि यह पहल आईडीबीआई बैंक की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) परियोजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इसका क्रियान्वयन संस्था सी फॉर कॉमर्स द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया है। प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वित्तीय प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के सीखने के तरीके को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाएंगी।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन के बाद अब जिले के सभी पांचों विद्यालयों में स्थापित फाइनेंशियल लैब नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों को कम उम्र से ही आर्थिक रूप से जागरूक बनाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के लिए अधिक जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बनने में मदद करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT