जिले के किसानों को बिना टोकन के मिलेगी खाद
जिले की 96 समितियों में 37 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण, कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
धमतरी, 20 मई (हि.स.)। खरीफ सीजन से पहले किसानों को राहत देने के लिए जिले में खाद वितरण व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। अब किसानों को खाद लेने के लिए टोकन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। कृषि विभाग ने सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराते हुए वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उप संचालक कृषि कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार किसानों को उनके रकबे और आवश्यकता के अनुसार यूरिया, डीएपी और सुपर फास्फेट उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।जिले की 96 सहकारी समितियों में कुल 37 हजार 238 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। खाद वितरण व्यवस्था की लगातार मानिटरिंग की जा रही है, वहीं निजी खाद दुकानों और विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है। निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली या अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत किसानों को प्रति एकड़ संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाएगा। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। 2.50 एकड़ तक भूमि रखने वाले किसानों को दो किस्तों में खाद दिया जाएगा, जबकि अधिक रकबा वाले किसानों को तय मानकों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और किसानों को बिना परेशानी समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा