किसान देवीराम की मेहनत को मिला आत्मविश्वास, धान बेचना हुआ सरल और सुगम

 


कोरबा/जांजगीर-चांपा 2 जनवरी (हि. स.)। जिले के ग्राम नवापारा के निवासी देवीराम कश्यप आज उन किसानों में शामिल हैं, जिनकी आँखों में मेहनत का सुकून और चेहरे पर सफलता की चमक साफ दिखाई देती है। इस वर्ष उन्होंने धान खरीद केंद्र पेंड्री में 190 क्विंटल धान लेकर पहुँचकर अपनी कड़ी मेहनत को एक नई पहचान दी।

देवीराम कश्यप बताते हैं कि खेती-किसानी उनके आय का प्रमुख साधन है। मौसम की मार, लागत का दबाव और बाजार की अनिश्चितता इन सबके बीच उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। समय पर खेत की तैयारी, उन्नत बीजों का चयन, मेहनत और धैर्य इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज उनकी फसल ने उन्हें सम्मानजनक आय और आत्मविश्वास दिया है। धान विक्रय के बाद उनके चेहरे पर दिखी खुशी, मेहनत का सच्चा फल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले के सभी धान खरीद केंद्रों में किसानों की सुविधा और सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। खरीदी केंद्रों पर नमी परीक्षण, तौल, छाया, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था ने किसानों का भरोसा और बढ़ाया है। धान विक्रय के लिए ऑफलाइन टोकन की सुविधा के साथ-साथ 24×7 “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था किसानों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है। इससे न तो भीड़ लगती है, न ही लंबी कतारें, किसान तय समय पर पहुँचकर सहजता से धान बेच पा रहे हैं।

देवीराम कश्यप ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब धान बेचना पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और सम्मानजनक हो गया है। इसके साथ ही 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही धान खरीद ने किसानों में नया उत्साह भर दिया है। उचित समर्थन मूल्य, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान इन सबने खेती को फिर से लाभकारी बनाया है। देवीराम कश्यप की यह कहानी सिर्फ एक किसान की सफलता नहीं, बल्कि यह उस किसान-हितैषी व्यवस्था की जीवंत मिसाल है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी