कोरबा: कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़

 


कोरबा, 9 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए पात्र किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य है। खरीफ 2026 के लिए लागू इस योजना के तहत पात्र किसानों को फसल और सत्यापित रकबे के आधार पर प्रति एकड़ 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की आदान सहायता दी जाएगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किसानों से निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन कराने की अपील की है।

कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य खेती का रकबा, उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, कृषि लागत कम करना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है।

योजना के तहत ऐसे पंजीकृत किसान, जिन्होंने पिछले खरीफ सीजन में धान की खेती की थी और खरीफ 2026 में धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने के लिए पंजीयन कराया है, उन्हें एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि के बाद 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता दी जाएगी।

वहीं, खरीफ सीजन में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को निर्धारित शर्तों के तहत 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता मिलेगी। सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी।

एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी सेवा सहकारी समिति में संपर्क कर सकते हैं। वहीं, एग्रीस्टेक छत्तीसगढ़ फार्मर रजिस्ट्री में पंजीयन के लिए आधार कार्ड, भूमि की अद्यतन ऋण पुस्तिका या बी-1, खसरा और आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। किसान इन दस्तावेजों के साथ नजदीकी लोक सेवा केंद्र या सेवा सहकारी समिति में जाकर पंजीयन करा सकते हैं।

पंजीयन के दौरान आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के पटवारी द्वारा सत्यापन और तहसीलदार द्वारा अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

योजना का लाभ देने के लिए पिछले खरीफ सीजन की फसल और रकबे का सत्यापन डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। जहां डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नहीं होगा, वहां जिला कलेक्टर की अनुमति से गिरदावरी के आंकड़ों के आधार पर रकबे का सत्यापन किया जाएगा।

खरीफ 2026 में फसलवार, रकबावार और खसरावार सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सर्वेयर नियुक्त किए गए हैं और तहसील स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

योजना के तहत ट्रस्ट, मंडल, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, शाला विकास समिति तथा केंद्र और राज्य शासन के संस्थान एवं महाविद्यालय जैसी विधिक संस्थाएं पात्र नहीं होंगी।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किसानों से अपील की है कि वे 31 अक्टूबर 2026 से पहले दोनों पोर्टल पर पंजीयन पूरा कराएं और फसल व रकबे की सही जानकारी उपलब्ध कराकर गिरदावरी तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में सहयोग करें। पंजीयन और योजना से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सेवा सहकारी समिति या लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी