जिलास्तरीय शिविर में विशेषज्ञों ने दिव्यांगाें का किया परीक्षण, अगले माह मिलेंगे कृत्रिम अंग

 


बीजापुर, 30 जुलाई (हि.स.)। जिले के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में समर्थ–जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र, एजुकेशन सिटी बीजापुर में आज गुरूवार काे जिलास्तरीय दिव्यांगजन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया।

शिविर में जिला दंतेवाड़ा से आए कृत्रिम अंग विशेषज्ञों ने बीजापुर जिले के पांच दिव्यांगजनों का कृत्रिम हाथ एवं पैर लगाए जाने के लिए विस्तृत परीक्षण किया। विशेषज्ञों द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर चयनित हितग्राहियों को आगामी माह में उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम हाथ एवं पैर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कृत्रिम अंग मिलने से दिव्यांगजन अपने दैनिक कार्य अधिक सहजता और आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी गतिशीलता बढ़ेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता निभा सकेंगे। यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिविर के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने दिव्यांगजनों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं दिव्यांग हितैषी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी हितग्राहियों का उत्साहवर्धन करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सुगम, सम्मानजनक एवं स्वावलंबी बनाना है। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी ऐसे शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पुनर्वास सेवाएं पहुंचाने के लिए सतत प्रयास किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे