मां अंगारमोती के दरबार में मानवता की मिसाल, दिव्यांगों और बुजुर्गों को सुगम दर्शन

 


गर्भवती माताओं और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था, बालाजी कंसल्टेंसी ने उपलब्ध कराई व्हीलचेयर

धमतरी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। क्वांर नवरात्रि के पावन अवसर पर गंगरेल स्थित आदिशक्ति मां अंगारमोती मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ सेवा, समर्पण और मानवता की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर ट्रस्ट द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सहायता कर उन्हें बिना परेशानी के सीधे माता के दर्शन करा रहे हैं।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में लंबी कतारों में खड़े रहना दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और उम्रदराज लोगों के लिए कठिन हो जाता है। उनकी परेशानी को समझते हुए आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट ने विशेष पहल की है। इसके तहत स्वयंसेवक ऐसे श्रद्धालुओं की मदद कर उन्हें सुविधाजनक तरीके से दर्शन कराने के साथ ही उनकी जरूरतों का भी ध्यान रख रहे हैं।

दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बालाजी कंसल्टेंसी के आशीष राय एवं दीपक राय ने व्हीलचेयर उपलब्ध कराई है। इससे चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में आवागमन करने और माता के दर्शन करने में सहूलियत मिल रही है। धार्मिक आयोजन के दौरान सामाजिक सहयोग की यह पहल सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दे रही है।

आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन मरई ने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने का अवसर भी है। माता के दरबार में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सम्मान और सुविधा के साथ दर्शन कर सके, यही ट्रस्ट का प्रयास है। मंदिर में की गई यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण बन रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा