तपती धूप में घर-घर पहुंच रहे प्रगणक, जनगणना 2026 में झेल रहे व्यवहारिक चुनौतियां
धमतरी, 05 मई (हि.स.)। भीषण गर्मी और तपती दोपहर के बीच भी जनगणना 2026 का कार्य पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ जारी है। शहर के अलग-अलग वार्डों में प्रगणक घर-घर पहुंचकर नागरिकों की जानकारी जुटा रहे हैं। बनियापारा क्षेत्र में प्रगणक अनुराधा मेरी और सुनीता साहू ने रामेश्वरी यादव के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से परिवार की पूरी जानकारी दर्ज की।
प्रगणकों के अनुसार एक परिवार की जानकारी एकत्रित करने में औसतन 5 से 10 मिनट का समय लगता है। इस दौरान परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, वाहन, टीवी, मोबाइल जैसे संचार साधन और अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज की जाती हैं। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान प्रगणकों को कई व्यवहारिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। दोपहर के समय जब वे घर-घर पहुंचते हैं, तो कई बार लोग दरवाजा नहीं खोलते या “अभी सो रहे हैं”, “काम पर गए हैं” जैसे कारणों से जानकारी देने से बचते हैं। कई परिवार प्रगणकों को शाम को आने के लिए कहते हैं, जिससे एक ही घर के चक्कर बार-बार लगाने पड़ते हैं। इससे समय और श्रम दोनों बढ़ जाते हैं। तेज धूप और 40 से 42 डिग्री के आसपास पहुंचते तापमान के बीच लगातार फील्ड में काम करना भी एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद प्रगणक पूरी धैर्य और जिम्मेदारी के साथ अपना कार्य कर रहे हैं। वे नागरिकों को जनगणना के महत्व के बारे में समझाते हुए सहयोग की अपील भी कर रहे हैं।
प्रगणक अनुराधा मेरी ने बताया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे देश और प्रदेश की विकास योजनाओं की दिशा तय होती है। यदि नागरिक सही और समय पर जानकारी देंगे, तो शासन द्वारा बनाई जाने वाली योजनाएं अधिक प्रभावी और लाभकारी होंगी। प्रशासन ने भी आमजन से अपील की है कि वे प्रगणकों का सहयोग करें और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना का कार्य समयबद्ध और सुचारु रूप से पूरा हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा