महासमुंद : शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति आदिवासी लोक कला महोत्सव पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

 

महासमुंद, 29 अक्टूबर (हि.स.)। शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति आदिवासी लोक कला महोत्सव पुरस्कार वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी लोक कला नर्तक दलों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि इच्छुक नर्तक दल निर्धारित प्रारूप एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी प्रविष्टियां 25 नवंबर को शाम 5 बजे तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, महासमुंद में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।

राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में चयनित आदिवासी लोक कला नर्तक दलों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

प्रविष्टि के साथ आदिवासी लोक कला नर्तक दल का संपूर्ण परिचय देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा आदिवासी समाज में सामाजिक चेतना जागृत करने तथा सामाजिक उत्थान के लिए दल द्वारा किए गए कार्यों एवं प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करना होगा। दल को पूर्व में प्राप्त पुरस्कारों का विवरण, उत्कृष्ट कार्यों के संबंध में प्रकाशित प्रतिवेदनों की जानकारी तथा उनकी एक-एक प्रति भी संलग्न करना होगा। सामाजिक चेतना एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए गए कार्यों के संबंध में प्रतिष्ठित व्यक्तियों अथवा पत्र-पत्रिकाओं द्वारा की गई टिप्पणियों की सत्यापित प्रतियां भी प्रस्तुत करना होगा। प्रविष्टियों में दिए गए तथ्यों, निष्कर्षों एवं प्रमाणों की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रविष्टि प्रस्तुतकर्ता का होगा। प्रस्तुत जानकारी का सत्यापन सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, महासमुंद द्वारा किया जाएगा।

प्रत्येक जिले से सर्वश्रेष्ठ आदिवासी लोक कला नर्तक दल का चयन किया जाएगा। किसी जिले से एक से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त होने पर कलेक्टर के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास तथा लोककला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विशेषज्ञ सदस्यों की गठित समिति द्वारा प्रविष्टियों का परीक्षण किया जाएगा। समिति जिले से एक सर्वश्रेष्ठ दल का चयन कर राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए उसकी प्रविष्टि भेजी जाएगी। राज्यस्तर पर चयनित लोक नर्तक दलों के बीच नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। गठित निर्णायक मंडल द्वारा दलों के प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के लिए विजेताओं का चयन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल