बस्तर के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए उद्यमियों को दिए व्यापार के गुर
जगदलपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। बस्तर की समृद्ध कला, संस्कृति और अद्वितीय स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने तथा क्षेत्र के एमएसएमई व उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। शुक्रवार को जगदलपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के प्रेरणा हॉल में जिला प्रशासन और डीजीएफटी के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक्सपोर्ट अवेयरनेस कैंप एवं ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट समिट’ का आयोजन किया गया।
इस महत्वपूर्ण समिट की अध्यक्षता कलेक्टर आकाश छिकारा ने की, जबकि विदेश व्यापार के संयुक्त महानिदेशक ने कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता की। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक अजीत सुंदर बिलुंग और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस समिट को संबोधित करते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि बस्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प और वनोत्पाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार को आकर्षित करने की अपार क्षमता विद्यमान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि स्थानीय शिल्पकारों, वनोपज संग्राहकों और स्व-सहायता समूहों को सही मार्गदर्शन के साथ आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ा जाए, तो उनके उत्पादों को विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान मिल सकती है। इसके साथ ही ई-कॉमर्स माध्यमों को अपनाकर स्थानीय उत्पादक सीधे विदेशी ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना सकते हैं, जिससे क्षेत्र के कारीगरों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इस समिट में जिला प्रशासन के साथ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड रायपुर के अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास संस्थान (एमएसएमई-डी) रायपुर,, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी), भारतीय आयात-निर्यात बैंक, भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद मुंबई, शेलैक एवं वन उत्पाद निर्यात संवर्धन परिषद कोलकाता, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट मुंबई, तथा राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी व प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इनके साथ ही अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक, कृषि विज्ञान केंद्र एवं डाकघर बस्तर संभाग जगदलपुर के प्रतिनिधियों ने व्यापक सहभागिता दर्ज कराई। कार्यशाला के दौरान व्यापार विशेषज्ञों ने उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आईईसी रजिस्ट्रेशन, आरसीएमसी कम्प्लायंस, एडी कोड और डाक निर्यात प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया। इसके अलावा एमएसएमई योजनाओं, एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस तथा वित्तीय सहायता योजनाओं पर भी व्यावहारिक जानकारी साझा की गई।
समिट के दौरान विशेष रूप से वॉलमार्ट और डीएचएल के प्रतिनिधियों ने आधुनिक ई-कॉमर्स माध्यमों के जरिए वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने के नए अवसरों पर विमर्श किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'वन-टू-वन' इंटरैक्टिव सत्र रहा, जहां स्थानीय उद्यमियों को अपनी समस्याओं, निर्यात संबंधी शंकाओं और प्रक्रियाओं के समाधान हेतु सीधे विषय-विशेषज्ञों से व्यक्तिगत संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ। बस्तर में एक मजबूत एक्सपोर्ट इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में यह आयोजन मील का पत्थर साबित हुआ, जिसके समापन पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर द्वारा बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स, जूनियर चेम्बर ऑफ कॉमर्स, लघु उद्योग भारती सहित सभी सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागी उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे