भाजपा कार्यालय के लिए जमीन देने का विरोध, ग्रामीणाें ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन

 




धमतरी, 26 फ़रवरी (हि.स.)। ग्राम लोहरसी में भाजपा कार्यालय के लिए जमीन देने से आक्रोशित पूरे गांव के ग्रामीणों की भीड़ कई ट्रेक्टर-ट्राली में सवार होकर आज गुरुवार को नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ को पुलिस ने रोकी। इस दौरान ग्रामीणों ने सरपंच, सरपंच पति और सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मनमानी कर जमीन बेचने का आरोप लगाया है।

जिला मुख्यालय धमतरी से लगे ग्राम लोहरसी में जिला भाजपा कार्यालय के लिए करीब 0.40 हे. भूमि राज्य स्तर से आबंटित कर किया गया है। गुरुवार को इसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने बैठक कर सरपंच, सचिव और वार्ड पंचों को बुलाया। इस बैठक में नहीं पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीण पांच ट्रेक्टर, एक छोटा हाथी एवं दो पहिया वाहनों में सवार होकर ग्रामीणों की भीड़ कलेक्ट्रेट घेराव करने पहुंचे। सभी ग्रामीण जनपद कार्यालय के सामने एकत्रित हुए। यहां से पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को बैरिकेड लगाकर आगे बढ़ने से रोका।

ग्रामीणों की मांग को समर्थन देने कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य कविता योगेश बाबर सहित युवा कांग्रेस के पदाधिकारी पहुंचे थे। इसके बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह से चर्चा की। इस चर्चा का सार्थक परिणाम नहीं निकला। ग्रामीण ओंकार सोनवानी, मुकेश नेताम, नंदनी निर्मलकर, सावित्री सिन्हा, खिलेश्वरी सिन्हा ने आरोप लगाया है कि गांव के जमीन को सरपंच, उसके पति, सचिव और कुछ पंचों ने मिलकर बेच दिया है। गांव के जमीन को बचाने के लिए वे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं। ग्राम लोहरसी प.ह.नं. 29 तहसील धमतरी में खसरा नंबर 750/1 रकबा 15.62 हे. में छह एकड़ स्टेडियम के लिए, सात एकड़ श्मशान घाट के लिए, पांच एकड़ आवास एवं बाजार के लिए उपयोग कर रहे हैं।

वहीं पांच एकड़ में तालाब एवं तीन एकड़ तालाब पार के उपयोग में आ रहा है। इसके अलावा कुछ भूमि शेष है, जिसे ग्राम पंचायत के द्वारा चारागाह और मैदानी भूमि को भविष्य के विकास के लिए रखा गया है। जिसमें से लगभग 0.40 हे. भूमि को राजस्व विभाग एवं पटवारी के द्वारा जिला भाजपा कार्यालय के लिए चिन्हांकित कर दिया गया है। यह जमीन ग्रामीण बच्चों के लिए खेल का मैदान है। ग्राम सभा में जमीन नहीं देने को लेकर सहमति बनी थी। इसके बावजूद जमीन दे दी गई है। ग्रामीणों की भीड़ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि आबंटित जमीन को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही गलत तरीके से जमीन देने में संलिप्त लोगों की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग ग्रामीणों की भीड़ ने की है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा