बारिश में बदहाल छाल-एडू मार्ग, ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की उठाई मांग
रायगढ़ 07 सितंबर (हि.स.)। छाल से एडू को जोड़ने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लंबे समय से सड़क सुधार की मांग कर रहे ग्रामीणों को निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद राहत की उम्मीद थी, लेकिन बारिश के बीच मार्ग पर बने गड्ढों और कीचड़ ने आवाजाही मुश्किल कर दी है।
मानसून के दौरान सड़क के कई हिस्सों में पानी जमा होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, दोपहिया वाहन चालकों के साथ चार पहिया वाहनों को भी इन हिस्सों से गुजरने में परेशानी हो रही है। कई जगह सड़क का हिस्सा कीचड़ में तब्दील हो गया है।
छाल-एडू क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति को लेकर पहले भी ग्रामीणों की ओर से विरोध और आंदोलन किए जाते रहे हैं। मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए बाजार, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी कामों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मुख्य सड़क का स्थायी निर्माण बारिश के कारण फिलहाल प्रभावित है, तो कम से कम मौजूदा गड्ढों में मुरुम या अन्य उपयुक्त सामग्री डालकर मार्ग को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाया जाना चाहिए।
उनका आरोप है कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर तत्काल सुधार कराया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू होने से पहले ही यदि मौजूदा मार्ग की मरम्मत और निगरानी को लेकर लापरवाही बरती गई तो भविष्य में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की नियमित निगरानी करे और ठेकेदार को तय मानकों के अनुसार काम कराने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सड़क को सुरक्षित रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था भी सुनिश्चित करे।
ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान जल्द होना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को जोखिम उठाकर इस मार्ग से गुजरने की मजबूरी न रहे। यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया तो ग्रामीणों ने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान