महुआ शराब की गंध से बस्ती में पहुंचा हाथी, बुजुर्ग की जान गई

 






-परिजनों को 25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता

बलरामपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत रेवतपुर ग्राम के आश्रित नवापारा में शुक्रवार रात जंगली हाथी के हमले में 62 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महुआ शराब की गंध से आकर्षित होकर हाथी बस्ती में पहुंचा और एक घर को नुकसान पहुंचाने के बाद लौटते समय ग्रामीण पर हमला कर दिया। घटना के बाद वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की और क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, राजपुर वन परिक्षेत्र के बरियों सर्किल अंतर्गत रेवतपुर बीट में शुक्रवार रात हाथियों का एक दल विचरण कर रहा था। रात करीब 9 बजे झुंड से अलग हुआ एक हाथी नवापारा बस्ती में पहुंच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथी महुआ शराब की गंध से आकर्षित होकर 62 वर्षीय बालम टेकाम के घर के पास पहुंचा और घर की परछी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त कर वहां रखी महुआ शराब पी ली।

इसके बाद हाथी बस्ती से वापस लौटने लगा। इसी दौरान घर से लगभग 150 मीटर दूर रास्ते में बालम टेकाम का सामना हाथी से हो गया। हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में परिवार के चार अन्य सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने घर से बाहर नहीं निकलने के कारण किसी तरह अपनी जान बचा ली। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

सूचना मिलते ही उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव, वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय वर्मा तथा वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि प्रदान की।

वन विभाग ने आज शनिवार को बताया कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए 'गजराज' वाहन के माध्यम से गांव-गांव मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों से जंगल में पुट्टू, खुखड़ी, लकड़ी और अन्य वनोपज संग्रह के लिए नहीं जाने तथा हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।

उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि हाथी आम, कटहल और विशेष रूप से महुआ शराब की गंध से आकर्षित होकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में महुआ शराब खुले में न रखें और हाथी दिखने पर उसके पास जाने या उसे भगाने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि वन विभाग की चेतावनियों का पालन और सतर्कता ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

इधर, आज शनिवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय