पंचायत उप निर्वाचन 2026 : निर्वाचन क्षेत्रों में कोलाहल अधिनियम लागू
चार जून तक लाउडस्पीकर, तीव्र संगीत और प्रेसर हॉर्न पर रहेगी सख्ती
धमतरी, 09 मई (हि.स.)। त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने निर्वाचन क्षेत्रों में कोलाहल अधिनियम लागू कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अबिनाश मिश्रा ने आज शनिवार काे आदेश जारी करते हुए जिले के चारों जनपद पंचायतों की उन ग्राम पंचायतों में तीव्र संगीत, ध्वनि विस्तारक यंत्रों और प्रेसर हॉर्न के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है, जहां उप निर्वाचन होना है।
जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10(2) के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत ऐसे सभी ध्वनि उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे, जिनसे आमजन को असुविधा, भय या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। निर्वाचन अवधि के दौरान सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति केवल निर्धारित शर्तों के अधीन रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तभी किया जा सकेगा, जब वह राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन न करता हो। चलित वाहनों में लगे ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर भी आयोग के निर्देशों और निर्धारित समय सीमा का पालन अनिवार्य होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि अधिनियम की धारा 13 के तहत जिन्हें कानूनी छूट प्राप्त है, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम की धारा 16(1) के तहत हेड कांस्टेबल या उससे ऊपर के अधिकारी ध्वनि विस्तारक यंत्र जब्त कर कार्रवाई कर सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और चार जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा