दिव्यांग बच्चों को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वितरित की एजुकेशनल किट

 


कोरबा, 15 जनवरी (हि. स.)। दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन कोरबा द्वारा सराहनीय पहल की गई। कलेक्ट्रेट कोरबा में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले के 05 पूर्ण दृष्टिबाधित दिव्यांग बालक-बालिकाओं को आधुनिक शिक्षण सहायक उपकरणों से युक्त एजुकेशनल किट का वितरण किया गया। यह किट समग्र शिक्षा रायपुर से प्राप्त हुई, जिसका उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।

कार्यक्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बच्चों को एजुकेशनल किट प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और दिव्यांगता किसी भी प्रकार से प्रतिभा और आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों के लिए शिक्षा को और अधिक सुलभ व सरल बनाया जा सकता है। यह किट बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी।

वितरित की गई एजुकेशनल किट में स्मार्टफोन, स्मार्ट केन, स्मार्ट वॉच, स्टडी एलईडी लैम्प, मोबाइल स्कैनर स्टैंड, सिग्नेचर गाइड, टॉकिंग कैलकुलेटर सहित अन्य उपयोगी डिजिटल एवं शैक्षणिक उपकरण शामिल हैं। इन उपकरणों की सहायता से दृष्टिबाधित विद्यार्थी पढ़ाई, गणना, लेखन और दैनिक गतिविधियों को अधिक सहजता से कर सकेंगे।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे वे सामान्य विद्यार्थियों के समान अवसर प्राप्त कर सकें। जिला मिशन समन्वयक बल्लभ दास वैष्णव ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह की पहल जारी रहेगी।

कार्यक्रम में बीआरपी (समावेशी शिक्षक) जावेद अख्तर, ज्वाला सिंह सोलंकी, श्रीमती अरुणा शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं “एक कदम और” एनजीओ की ओर से आशुतोष ने समन्वय में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों और उनके अभिभावकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी