आदिवासी साहित्य की सशक्त आवाज डुमन लाल ध्रुव को मिलेगा राज्य अलंकरण

 


साहित्य, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए होंगे सम्मानित, मुजगहन सहित धमतरी जिले का बढ़ाया गौरव

धमतरी, 01 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और साहित्यिक विरासत को अपनी लेखनी से पहचान दिलाने वाले ग्राम मुजगहन निवासी साहित्यकार डुमन लाल ध्रुव को वर्ष 2026 के शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। तीन नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में आयोजित समापन समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को मिली यह पहचान मुजगहन सहित धमतरी जिले और आदिवासी समाज के लिए गौरव का विषय है। डुमन लाल ध्रुव का जन्म 17 सितंबर 1974 को हुआ। एमए तक शिक्षित ध्रुव ने अपनी लेखनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोकजीवन, जनजातीय अस्मिता, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आकाशवाणी रायपुर एवं जगदलपुर केंद्रों से उनकी कविताओं, कहानियों, लेखों और नाटकों का प्रसारण होता रहा है। उनकी रचनाएं देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। छत्तीसगढ़ की कक्षा छठवीं, सातवीं और आठवीं की पाठ्यपुस्तकों के लेखन में भी उनका योगदान रहा है।

उनकी छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह 'मन के पांखी' पर सात विद्यार्थियों ने शोध कार्य किया है। आकाशवाणी के लिए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित 13 कड़ियों की छत्तीसगढ़ी श्रृंखला '1857 की रणभैरी' का लेखन भी उन्होंने किया है। उनकी प्रमुख कृतियों में 'छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक परिदृश्य', 'सोनाखान का सिंह शहीद वीरनारायण सिंह', 'वीरांगना रानी दुर्गावती', 'धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा', 'छत्तीसगढ़ के गोदना' और 'बस्तर आत्मा का आह्वान' शामिल हैं। वे साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन एवं धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। राज्य अलंकरण मिलने की घोषणा से साहित्यिक जगत और क्षेत्रवासियों में हर्ष है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा