ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से महिला किसान की बदली किस्मत, टमाटर की खेती से कमाया 10 लाख रुपये का लाभ
राजश्री मार्को ने आधुनिक तकनीक अपनाकर पेश की सफल खेती की मिसाल, 1.20 हेक्टेयर में लिया 120 टन तक टमाटर का उत्पादन
कोरबा, 7 अगस्त (हि. स.)। आधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक खेती ने अब छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए भी आय बढ़ाने के नए रास्ते खोल दिए हैं। कोरबा जिले के ग्राम पतरापाली की महिला किसान राजश्री मार्को ने आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि कम जमीन और सीमित संसाधनों में भी खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत मिली तकनीकी जानकारी और विभागीय योजनाओं का लाभ लेते हुए राजश्री मार्को ने वर्ष 2024-25 में 1.20 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड टमाटर की खेती शुरू की। उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए अपने खेत में ड्रिप सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग शीट तकनीक का उपयोग किया। इन तकनीकों के बेहतर प्रबंधन से उन्हें फसल में अच्छी गुणवत्ता और बेहतर उत्पादन प्राप्त हुआ।
राजश्री मार्को ने एक सीजन में लगभग 100 से 120 टन तक उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर का उत्पादन किया। बाजार में उपज बेचकर उन्होंने करीब 8 से 10 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी आर्थिक मजबूती का आधार बनी, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
ड्रिप सिंचाई तकनीक से खेत में पानी का उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से हुआ। पौधों की जड़ों तक आवश्यकता के अनुसार पानी और घुलनशील पोषक तत्व पहुंचने से पौधों का विकास बेहतर हुआ। इससे पानी की बचत के साथ उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई।
वहीं, मल्चिंग शीट के उपयोग से खेत में नमी लंबे समय तक बनी रही और खरपतवार नियंत्रण में मदद मिली। इसके कारण निराई-गुड़ाई पर होने वाला खर्च और अतिरिक्त श्रम की जरूरत कम हुई। कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलने से खेती अधिक लाभकारी साबित हुई।
आधुनिक तकनीक से मिले सकारात्मक परिणामों ने राजश्री मार्को का आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब वह स्वयं उन्नत उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने के साथ आसपास के किसानों को भी वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके खेत को देखने और आधुनिक तकनीकों की जानकारी लेने के लिए क्षेत्र के किसान पहुंच रहे हैं।
राजश्री मार्को की सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, आधुनिक तकनीक और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
कोरबा की महिला किसान राजश्री मार्को अब क्षेत्र में सफल और आत्मनिर्भर खेती की पहचान बन चुकी हैं। उनकी मेहनत और आधुनिक सोच ने यह साबित कर दिया है कि खेती को केवल आजीविका नहीं, बल्कि बेहतर आय का माध्यम भी बनाया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी