कोरबा में जनपद उपाध्यक्ष समेत कई लोगों पर महिला से दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप

 


कोरबा, 15 अप्रैल (हि. स.)। जिले के पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक ग्रामीण ने अपनी पत्नी के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या किए जाने का आरोप जनपद उपाध्यक्ष सहित कई लोगों पर लगाया है। मामले में पुलिस द्वारा केवल एक आरोपित पर कार्रवाई किए जाने से असंतुष्ट पीड़ित ने आज बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कुम्हारीसानी थाना पसान निवासी गनपत सिंह मरकाम ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसके चाचा इतवार सिंह की मृत्यु के बाद 21 फरवरी को ग्राम सिर्री में दशगात्र कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें उसकी पत्नी जयकुंवर शामिल होने गई थी। कार्यक्रम के बाद उसकी भाभी लीलावती अपने मायके ग्राम अमलीबहरा चली गई, जबकि उसकी पत्नी 22 फरवरी को सिर्री से अपने घर लौटने के लिए निकली, लेकिन वह घर नहीं पहुंची।

गनपत सिंह के अनुसार, उसने अपनी पत्नी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 26 फरवरी को थाना पसान और मीडिया के माध्यम से उसे जानकारी मिली कि रानी सागर क्षेत्र स्थित सुखरी तालाब के पास एक महिला का शव मिला है। मौके पर पहुंचकर उसने शव की पहचान अपनी पत्नी जयकुंवर के रूप में की।

पीड़ित ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार से पहले जब शव को नहलाया जा रहा था, तब उसके गुप्तांग और पेशाब के रास्ते के पास खून के निशान दिखाई दिए, जिससे उसे आशंका हुई कि उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है।

गनपत सिंह का आरोप है कि गांव में जानकारी मिली थी कि उसकी पत्नी को प्रकाश चंद जाखड़ के घर के पास उतारा गया था और सुखदेव सिंह करियाम मोटरसाइकिल से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था। जब उन्होंने प्रकाश चंद जाखड़ के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने की कोशिश की, तो उन्हें गाली-गलौज कर वहां से भगा दिया गया, जिससे संदेह और गहरा गया।

पीड़ित ने यह भी दावा किया है कि अन्य सीसीटीवी फुटेज में सुखदेव करियाम उसकी पत्नी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। उसने आरोप लगाया कि सुखदेव सिंह करियाम के साथ पवन सिंह मरकाम, शंकर नेटी, प्रकाश चंद जाखड़ और कपिल करियाम ने मिलकर उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की है।

हालांकि, गनपत सिंह का कहना है कि थाना पसान और पुलिस अधीक्षक कोरबा के समक्ष शिकायत के बावजूद पुलिस ने केवल सुखदेव करियाम को ही आरोपित बनाकर कार्रवाई की है, जबकि अन्य आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

पीड़ित ने प्रकाश चंद जाखड़ को एक प्रभावशाली और रसूखदार व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और पूरे गांव में भय का माहौल बना रखा है। उसने आशंका जताई कि शिकायत करने के कारण उसके और उसके परिवार की जान को खतरा है।

गनपत सिंह ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार करने और कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि यदि उसके या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आरोपितों की होगी।

फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी