दर्जनों पेड़ कटने के बाद जागा प्रशासन, लकड़ियां जब्त, कार्रवाई अब भी अधर में
धमतरी, 24 अप्रैल (हि.स.)। नेशनल हाईवे से कन्हारपुरी-बगदेही-कोसमर्रा मोड़ तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में दर्जनों हरे-भरे पेड़ों की कटाई के बाद प्रशासन हरकत में आया है। मौके पर सड़क किनारे पड़ी लकड़ियों को जब्त कर लिया गया है, लेकिन बिना अनुमति पेड़ काटने वालों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे इस निर्माण कार्य के दौरान मार्ग के दोनों ओर लगे कौहा, सिरसा, बबूल और नीम जैसे सैकड़ों पुराने छायादार पेड़ों को बिना वन विभाग की अनुमति के काट दिया गया। आरोप है कि कटे पेड़ों को माफियाओं ने सीधे आरा मिलों तक पहुंचा दिया, जबकि जिम्मेदार विभाग या तो अनजान बने रहे या लापरवाही बरतते रहे। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर और डीएफओ के निर्देश पर राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कटे पेड़ों की लकड़ियों की जब्ती बनाकर प्रतिवेदन एसडीएम को सौंप दिया।
जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी इंजीनियर विनायक, वन विभाग के रेंजर डिगेंद्र नेताम, भगतराम चेलक, डिप्टी रेंजर एरावत सिंह मधुकर और पटवारी वीरेन्द्र बैस सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने कन्हारपुरी और बगदेही पंचायत में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की। जब्त लकड़ियों को पटवारी द्वारा कोटवार के सुपुर्द किया गया है, जिन्हें वन विभाग के डिपो तक पहुंचाया जाएगा।
शेखर चंद्राकर, बसंत ध्रुव, राजकुमार साहू का कहना है कि एक ओर सरकार वृक्षारोपण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर विकास के नाम पर हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई सवाल खड़े कर रही है। अवैध कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसडीएम कुरुद नभसिंह कोसले ने कहा कि मामले की जांच राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। पीडब्ल्यूडी से भी जानकारी मांगी गई है। सभी विभागों के प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा