जांजगीर-चांपा की 66 ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण शुरू, मार्च 2027 तक 112 पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य
जांजगीर-चांपा, 27 अक्टूबर (हि. स.)। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जांजगीर-चांपा जिले के गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिले की 66 चयनित ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू की गई है। इस अभियान का विस्तार करते हुए मार्च 2027 तक कुल 112 ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के पहले चरण में जिले के पांच विकासखंडों की 66 प्राथमिकता वाली ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें नवागढ़ विकासखंड की 20, अकलतरा की 12, बम्हनीडीह की 12, बलौदा की 12 और पामगढ़ विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में संग्रहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इनमें प्लास्टिक अपशिष्ट, सैनिटरी अपशिष्ट, ई-वेस्ट और गीला कचरा शामिल हैं। ग्रामीणों को इन सभी प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखने और संग्रहण करने वाली स्वच्छाग्रही दीदियों को सौंपने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इससे कचरे का उचित निपटान और प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।
घर-घर कचरा संग्रहण के कार्य में लगी स्वच्छाग्रही दीदियों को प्रोत्साहित करने के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से मानदेय प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा कचरा संग्रहण और प्रबंधन की व्यवस्था को नियमित एवं टिकाऊ बनाने के लिए ग्रामीण परिवारों से यूजर चार्ज यानी उपयोगकर्ता शुल्क लेने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
गांवों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह किसी न किसी ग्राम पंचायत में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को अपने घरों और आसपास सफाई बनाए रखने, कचरे को अलग-अलग रखने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य मार्च 2027 तक जिले की कुल 112 ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू करना है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान का विस्तार किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन हो सकेगा तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ गांवों के निर्माण को गति मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT