डीएमएफ निर्माण कार्यों में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्ती, सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश
कोरबा, 6 सितंबर (हि. स.)। खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ मद से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को उन्होंने कटघोरा क्षेत्र के जेन्जरा और सलोरा सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
जेन्जरा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में निर्धारित 8 एमएम की जगह 6 एमएम का सरिया लगाए जाने का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई और जनपद पंचायत कटघोरा के सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए। मामले में पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए।
जेन्जरा में आंगनबाड़ी भवन के निरीक्षण के दौरान सरिया की गुणवत्ता और माप पर संदेह होने पर कलेक्टर ने मौके पर सीढ़ी मंगवाई और स्लैब में लगे सरिया की माप कराई। जांच में कई स्थानों पर 8 एमएम के स्थान पर 6 एमएम का सरिया पाया गया। कलेक्टर ने निर्माण कार्य की विस्तृत जांच के निर्देश देते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी गांव में निर्माणाधीन स्कूल भवन में लगाए गए टाइल्स भी निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता या किसी तरह की अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में निर्माणाधीन स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने और अक्टूबर तक भवन का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जेन्जरा के जर्जर आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर उसकी स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं, क्योंकि इससे भुगतान और आगामी विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने जनपद पंचायत कटघोरा के सीईओ को कर्मचारियों के कार्यों की जांच कर अनावश्यक रूप से फाइलें रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जेन्जरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी