एनक्यूएएस में जिला अस्पताल को मिले 70 अंक, फिर भी नहीं मिला प्रमाणपत्र
धमतरी, 06 मार्च (हि.स.)। जिला अस्पताल के स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को परखने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत दो सदस्यीय टीम ने यहां पहुंची थी। इस दौरान टीम ने जिला अस्पताल के चिन्हांकित आठ विभागों की स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं की गुणवत्ता की सूक्ष्मता से जांच कर मूल्यांकन किया था। छह मार्च को जारी मूल्यांकन रिपोर्ट में जिला अस्पताल को कुल 100 में 70 अंक मिले। इसके बावजूद कुछ विभागों में गुणवत्ता और सेवा के मानक पूरे नहीं होने के कारण अस्पताल प्रमाणपत्र से वंचित रह गया।
एनक्यूएएस मूल्यांकन के लिए बाह्य मूल्यांकनकर्ता के रूप में प्रतीक मोदी और जिशा श्रीकुमारन 30 एवं 31 जनवरी को जिला अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान इन्होंने जिला अस्पताल के आठ विभागों ब्लड बैंक, सामान्य प्रशासन, लेबर रूम, मैटरनिटी ओटी, एनआरसी, ओपीडी, रेडियोलाजी एवं एसएनसीयू विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच की थी। जिला अस्पताल के सलाहकार गिरीश कश्यप ने बताया कि शुक्रवार को एनक्यूएएस का रिजल्ट जारी किया गया है। जिसमें एनआरसी एवं एसएनसीयू को 80 प्रतिशत अंक मिले हैं। वहीं ओपीडी को 69 प्रतिशत, रेडियोलाजी को 78 प्रतिशत अंक मिले हैं। वहीं सामान्य प्रशासन, लेबर रूम और मैटरनिटी ओटी को 71 प्रतिशत अंक मिले हैं।
इन विभागों के अंदर जो बिंदु दिए गए थे उसके अंतर्गत लेबर रूम, मैटरनिटी ओटी और ओपीडी में कम अंक मिले हैं। जिसके वजह से एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिलने से चूक गए हैं। जिन विभागों में प्रदर्शन कमजोर है उसमें सुधार कर फिर से एनक्यूएएस मूल्यांकन के आनलाइन आवेदन करेंगे। जिला अस्पताल में एनक्यूएएस मूल्यांकन को लेकर विशेष तैयारियां की गई थी। सभी विभागों के बाहर शासन की योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से बैनर - पोस्टर भी लगाया गया था। पुराने भवन को नया दिखाने दीवारों की पुताई की गई थी। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में रिकार्ड संधारण में लापरवाही पाए जाने पर टीम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और दस्तावेजों को अद्यतन और सुव्यवस्थित रखने के स्पष्ट निर्देश दिया था। इसके साथ ही अस्पताल की सफाई व्यवस्था और पार्किंग सिस्टम को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे। जिला अस्पताल के बाहर और बाउंड्रीवाल के आसपास के अवैध कब्जे को लेकर भी नाराजगी जताई थी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा