जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक में विकास कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए हुई चर्चा

 


जगदलपुर, 07 अगस्त (हि.स.)। जिला पंचायत बस्तर के सभागार में आज शुक्रवार काे आयोजित सामान्य सभा की बैठक जिले के सर्वांगीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की दिशा में गहन चर्चा के साथ ही बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप की अध्यक्षता और नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना की उपस्थिति में संपन्न हुई इस बैठक में जिले की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई दूरगामी निर्णय लिए गए।

अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने इस बात पर विशेष बल दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के मध्य सशक्त समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सामान्य सभा में सदस्यों द्वारा उठाई गई जन-समस्याओं का समाधान एक निश्चित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि एक ही मुद्दे पर बार-बार चर्चा करने की स्थिति न बने। उन्होंने कृषि विभाग को खाद-बीज की समय पर उपलब्धता तथा विद्युत व्यवस्था का सुचारू रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश देने के साथ ही एजेंडा की जानकारी कम से कम तीन दिन पूर्व उपलब्ध कराने और विभिन्न समितियों की मासिक बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित करने की बात कही।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी ने भी प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सभी का पहला कर्तव्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी ये बैठकें नियमित होंगी और आपसी समन्वय से क्षेत्र की समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जा सकेगा।

बैठक में नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने बस्तर के विकास के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत किया। उन्होंने मनरेगा और 'पीएम जनमन' जैसी योजनाओं को जिले के विकास हेतु सशक्त माध्यम बताते हुए जानकारी दी कि जिले में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना बजट खर्च करने का विस्तृत स्पेंडिंग प्लान तैयार किया जाएगा। उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों का उदाहरण देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्लान कर पक्के स्कूल भवन, आंगनाड़ी केंद्र, टॉयलेट, शेड और पीडीएस दुकानों जैसी टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आजीविका संवर्धन, स्कूल ड्रॉप-आउट रोकने, कुपोषण मुक्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने जैसे सामाजिक पहलुओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की गई। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत मौसमी बीमारियों की रोकथाम, दवाओं की उपलब्धता, आपातकालीन वाहन सेवा 102 व 108 की स्थिति और स्वास्थ्य कर्मचारियों के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वहीं लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़कों और भवनों की प्रगति, छात्रावासों में अधीक्षकों की व्यवस्था, सीपेज व मरम्मत कार्य तथा शालाओं में शौचालय निर्माण की विस्तृत जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त 'प्रधानमंत्री आवास योजना' वर्ष 2025–26 के तहत स्वीकृत मकानों, दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग वितरण, 'रेडी-टू-ईट' व्यवस्था और 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत आगामी कार्ययोजना का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों सहित जनपद पंचायत के अध्यक्ष और विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे