रूद्री बैराज में आपदा का अलर्ट, सायरन बजते ही एक्टिव हुआ प्रशासन
धमतरी, 20 अगस्त (हि.स.)। आपदा की स्थिति में प्रशासन की तत्परता, विभागों के बीच समन्वय और राहत-बचाव तंत्र की क्षमता को परखने के लिए गुरुवार को श्री खूबचंद बघेल रूद्री बैराज में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, नगर सेना, सिविल डिफेंस तथा अन्य विभागों की टीमों ने आपात स्थिति से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रभावी प्रदर्शन किया।
सुबह करीब 10.30 बजे जैसे ही आपदा परिदृश्य की घोषणा हुई और सायरन बजा, पूरा प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला नगर सेनानी बैरक और हॉल को राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर तथा भोजन वितरण केंद्र के रूप में विकसित कर व्यवस्थाओं की जांच की गई। प्रभावित लोगों की पहचान, सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल का सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण हिस्सा लाइफ गार्ड टीम का रेस्क्यू प्रदर्शन रहा। टीम ने टापू में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और डूबते व्यक्ति को बचाने की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन कर मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
बचाव कार्य के दौरान आस्का लाइट, लाइफ जैकेट, लाइफ बोट, सर्चिंग लाइट और वॉकी-टॉकी जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। साथ ही सीमित संसाधनों और स्थानीय सामग्री की मदद से आपदा के समय प्रभावी राहत कार्य कैसे संचालित किए जा सकते हैं, इसका भी प्रदर्शन किया गया। बचाव दल में राजू राम, काली राम, अनिल नेताम, धर्मराज, कमलेश कुमार, प्रेम कुमार, अरविंद कुमार, टिकेश कुमार सहित नगर सेना के जवान शामिल रहे। राजधानी रायपुर से आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन जुड़कर पूरे अभ्यास की निगरानी करते रहे।
जिला नगर सेनानी शोभा ठाकुर के निर्देशन में सिविल डिफेंस दल ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन करते हुए आपदा प्रभावितों को राहत शिविर तक पहुंचाने और राहत सामग्री के व्यवस्थित वितरण की प्रक्रिया समझाई। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राहत शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण और आपातकालीन उपचार का अभ्यास किया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बाढ़ प्रबंधन, जल निकासी और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की कार्ययोजना प्रस्तुत की, जबकि जनपद पंचायत की ओर से पंचायत स्तर पर राहत शिविर संचालन की व्यवस्था की जानकारी दी गई।
मॉक ड्रिल के दौरान अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी, एसडीएम पीयूष तिवारी, डिप्टी कलेक्टर वैरनदत्ता एक्का, नगर निगम उपायुक्त पी.सी. सार्वा, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। इस अभ्यास के माध्यम से प्रशासन ने त्वरित सूचना तंत्र, सुरक्षित निकासी, राहत शिविर संचालन, स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन एवं पेयजल व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय की पूरी प्रक्रिया को परखा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा