75 की उम्र में युवा जैसा जज़्बा: वैज्ञानिक पशुपालन से प्रेरणा बने धनऊ सोनकर
धमतरी, 20 जुलाई (हि.स.)। उम्र केवल एक संख्या है, यह बात धमतरी जिले के ग्राम सिलघट के 75 वर्षीय धनऊ (भजनाहा) सोनकर ने अपने कर्मों से साबित कर दिखाई है। जीवन के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह, अनुशासन और पशुपालन के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन को अपनाकर उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि नस्ल सुधार और पशु स्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में भी एक मिसाल कायम की है। धनऊ सोनकर प्रतिदिन स्वयं खेतों से अपने गौवंशीय पशुओं के लिए हरा चारा काटकर साइकिल से घर लाते हैं और बिना किसी सहायता के अपने चारों पशुओं एचएफ जर्सी संकर गाय, गिर जर्सी संकर गाय, गिर नस्ल की बछिया और एक बछड़े की देखभाल, चारा-पानी और स्वच्छता की पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं। बेहतर नस्ल और अधिक दुग्ध उत्पादन के उद्देश्य से वे वर्षों से नियमित कृत्रिम गर्भाधान कराते आ रहे हैं। जैसे ही उनकी गाय हीट में आती है, वे तत्काल सूचना देते हैं और कई बार भीषण गर्मी में भी 3 से 4 किलोमीटर साइकिल चलाकर क्षेत्र के एवीएफओ चंद्रशेखर निर्मलकर को अपने साथ लेकर कृत्रिम गर्भाधान कराने पहुंच जाते हैं। एवीएफओ चंद्रशेखर निर्मलकर बताते हैं कि पिछले 11 वर्षों से धनऊ सोनकर लगातार कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार अभियान में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। उनकी जागरूकता के कारण क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली दुग्ध उत्पादक नस्लों के विकास को बढ़ावा मिला है। इतना ही नहीं, वे हर वर्ष अवांछित नस्ल के सांडों का बधियाकरण कराते हैं तथा अपने सभी पशुओं का खुरपका-मुंहपका (एफएमडी), गलघोटू (एचएस), लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) सहित सभी आवश्यक टीकाकरण समय पर सुनिश्चित करते हैं। उनका मानना है कि पशुपालन केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है। नियमित देखभाल, संतुलित पोषण, समय पर उपचार और वैज्ञानिक प्रबंधन से पशु स्वस्थ रहते हैं, दुग्ध उत्पादन बढ़ता है और परिवार की आय में भी निरंतर वृद्धि होती है। जिले में पशुपालन विभाग द्वारा भी पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे पशुपालन को लाभकारी और टिकाऊ आजीविका के रूप में विकसित किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा