स्वामित्व योजना में धमतरी प्रदेश में अव्वल, 50 हजार से अधिक परिवारों को मिले अधिकार अभिलेख

 






धमतरी, 19 अगस्त (हि.स.)।ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत परिवारों को उनकी भूमि का वैधानिक स्वामित्व दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना का धमतरी जिले में प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के तहत राजस्व ग्रामीण आबादी भूमि में निवासरत पात्र परिवारों के अधिकारों का अभिलेखीकरण कर उन्हें अधिकार अभिलेख वितरित किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण अधिकार अभिलेख निर्माण एवं वितरण के मामले में धमतरी जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है।

योजना के अंतर्गत जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन फ्लाई कराया गया है। ड्रोन सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भारत सरकार की कार्यान्वयन एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया (SOI) से प्राप्त मानचित्रों का भौतिक सत्यापन कराया गया। मैदानी स्तर पर स्थल सत्यापन, पात्र परिवारों की पहचान और आबादी भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई, ताकि तैयार किए जाने वाले अधिकार अभिलेख शुद्ध, प्रमाणिक एवं त्रुटिरहित हों। योजना के तहत अब तक 312 ग्रामों के अभिलेख पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं, जबकि 50 हजार से अधिक पात्र परिवारों को अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं।

अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीण परिवारों को अपनी आबादी भूमि के स्वामित्व का स्पष्ट एवं वैधानिक प्रमाण प्राप्त हुआ है। इसके माध्यम से उन्हें भविष्य में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं का लाभ लेने, संपत्ति संबंधी लेन-देन तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में भी सुविधा मिलेगी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का विधिवत अधिकार प्रदान करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिले में योजना के क्रियान्वयन के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष ग्रामों में आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर पात्र परिवारों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने तथा किसी भी स्तर पर त्रुटि की गुंजाइश नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने, भूमि अभिलेखों को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने तथा ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के माध्यम से आर्थिक अवसरों से जोड़ने में मदद मिल रही है। जिले में योजना के तहत जारी कार्यवाही ग्रामीण विकास, संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा