नशे के सौदागरों की 35.85 लाख की अवैध संपत्ति फ्रीज धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

 






धमतरी, 26 जुलाई (हि.स.)। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ धमतरी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित 35,85,116.51 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है।

जिले में पहली बार एसएएफईएमए तथा एनडीपीएस की धारा के तहत की गई इस कार्रवाई में मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने धमतरी पुलिस के फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि कर दी है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक धमतरी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी सीधा आर्थिक प्रहार किया जाएगा।

इसी क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी एवं थाना प्रभारी सिटी कोतवाली द्वारा विस्तृत जांच, वित्तीय विश्लेषण और दस्तावेजों के आधार पर आरोपितों के बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा योजनाओं, वाहनों तथा अचल संपत्तियों में किए गए निवेश की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत संपत्तियों को फ्रीज कर प्रकरण सक्षम प्राधिकारी एसएएफईएमए तथा एनडीपीएस की धारा मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किए गए। पहले प्रकरण में आरोपित आरती रजक से संबंधित बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट एवं अन्य वित्तीय निवेश सहित 12,93,636.76 रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई। संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देने के बाद उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के परीक्षण उपरांत 23 जुलाई 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि कर दी।

वहीं दूसरे प्रकरण में आरोपित करण सिंह धुरी, उसकी पत्नी उषा बाई धुरी तथा पुत्री जाइका धुरी से संबंधित बैंक खातों, वाहन एवं अचल संपत्तियों सहित 22,91,479.75 रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 23 जुलाई 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने थाना सिटी कोतवाली धमतरी के फ्रीजिंग आदेश को बरकरार रखा। धमतरी पुलिस के अनुसार दोनों प्रकरणों में कुल 35,85,116.51 रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई है।

जांच में यह पाया गया कि संबंधित संपत्तियां मादक पदार्थों की तस्करी और उससे अर्जित अवैध आय से जुड़ी हुई हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपितों के विरुद्ध पहले से एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज हैं तथा उनके खिलाफ पीआईटी तथा एनडीपीएस की धारा के तहत भी वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर एसएएफईएमए तथा एनडीपीएस की धारा के तहत फ्रीज करने की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा

सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा