हरित ऊर्जा की ओर बढ़ा धमतरी, ठेनही बना जिले का पहला सामूहिक सोलर प्लांट वाला गांव
धमतरी, 17 जुलाई (हि.स.)। धमतरी जिले के सुदूर नगरी विकासखंड का ग्राम ठेनही अब हरित ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत ठेनही जिले का पहला गांव बन गया है, जहां 71 परिवारों के लिए 142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। इस अनूठी पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ग्रामीणों से किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली गई है और पूरी परियोजना सब्सिडी के माध्यम से साकार की गई है।
गांव से करीब 50 से 75 मीटर की दूरी पर स्थापित इस प्लांट से प्रत्येक परिवार को दो-दो किलोवॉट क्षमता का लाभ मिलेगा। घरों में कनेक्शन का कार्य शीघ्र शुरू होगा और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होते ही बिजली उत्पादन प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को बिजली बिल से बड़ी राहत मिलेगी। उप सरपंच रूपेश्वर नाग ने बताया कि ग्रामीणों से कोई राशि नहीं ली गई है और योजना का पूरा लाभ उन्हें निःशुल्क मिलेगा।
कार्यपालन अभियंता विद्युत अनिल सोनी ने बताया कि जिले में ऐसे 55 गांवों का चयन किया गया है, जहां अधिकांश मकान पक्की छत के बजाय खपरैल वाले हैं। ऐसे गांवों में वेंडरों द्वारा सब्सिडी राशि से सामूहिक सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि ठेनही की सफलता के बाद नगरी विकासखंड के फरसियां, रतावा, दुगली सहित लगभग 25 अन्य गांवों में भी इसी मॉडल पर परियोजनाएं स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
गांव के छात्र सिंह यादव ने बताया कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब सोलर प्लांट लगने से बड़ी राहत मिलेगी। उनके अनुसार यह योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी साबित होगी। इंदर सिंह नेताम ने कहा कि बिना किसी खर्च के गांव में आधुनिक सोलर प्लांट लगना बड़ी उपलब्धि है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। वहीं उमेंद्र नागेश ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके गांव में इस तरह की आधुनिक सौर परियोजना स्थापित होगी। यह योजना से न केवल नियमित और किफायती बिजली उपलब्ध कराएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि ठेनही जिले का पहला मॉडल सोलर गांव बन रहा है।
एक समय नक्सल प्रभावित होने के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहा ठेनही अब आधुनिक हरित ऊर्जा के मॉडल के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन शासन की विकासोन्मुखी सोच और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण माना जा रहा है।
पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देशभर में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, घरेलू बिजली खर्च कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत सोलर संयंत्रों को विद्युत ग्रिड से जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और भविष्य में अतिरिक्त आय की संभावनाएं भी बनती हैं। सौर ऊर्जा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने तथा स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिले में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेनही में स्थापित सामूहिक सोलर प्लांट केवल बिजली उपलब्ध कराने की परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण परिवारों के बिजली व्यय में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में जिले के अन्य चयनित गांवों में भी इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इस योजना का लाभ लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें और धमतरी हरित एवं सतत विकास की दिशा में अग्रणी जिला बन सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा