धमतरी में श्वेत क्रांति की नई इबारत, 20 हजार लीटर दूध उत्पादन के लक्ष्य की ओर बढ़ता जिला
धमतरी, 22 जुलाई (हि.स.)। जिला प्रशासन, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, सहकारी समितियों और पशुपालकों के संयुक्त प्रयासों से धमतरी जिले में डेयरी विकास नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
वर्तमान में जिले में प्रतिदिन 10 से 15 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पांच से छह हजार किसान परिवारों, विशेषकर महिला पशुपालकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा। जिले में अब 68 से अधिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण और पारदर्शी भुगतान की व्यवस्था मजबूत हुई है। किसानों को दूध का बेहतर मूल्य मिल रहा है तथा डिजिटल भुगतान और माइक्रो एटीएम जैसी सुविधाओं से पारदर्शिता बढ़ी है। सेमरा-बी, भाठागांव और मुजगहन में चिलिंग प्लांट संचालित हैं, जबकि कुरूद में नया चिलिंग प्लांट स्वीकृत हो चुका है।
छाती क्षेत्र में आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट भी विकसित की जा रही है। महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने के लिए 43 महिला दुग्ध उत्पादकों को झारखंड तथा 19 पशुपालकों और समिति पदाधिकारियों को गुजरात के मेहसाणा स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। पशुपालन विभाग कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, टीकाकरण और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा दे रहा है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बनाते हुए धमतरी को प्रदेश के अग्रणी डेयरी जिलों में शामिल करने का लक्ष्य है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा