धमतरी : भीषण गर्मी में भी जलाशयों ने थामा जीवन का संबल

 


गंगरेल में 47.32% और मुरूमसिल्ली में 82.70% जल भराव, खरीफ और पेयजल आपूर्ति को राहत

धमतरी, 02 जून (हि.स.)।

भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बावजूद जिले के प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण बना हुआ है। महानदी जलाशय परियोजना एवं सोंदूर जलाशय परियोजना के ताज़ा आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि जिले में पेयजल आपूर्ति और आगामी खरीफ सीजन की शुरुआती जरूरतों को लेकर फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है। जलाशयों में उपलब्ध जल किसानों और आम नागरिकों के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ है।

रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल का वर्तमान जल स्तर 343.69 मीटर दर्ज किया गया है। जलाशय की कुल उपयोगी जल भराव क्षमता 767 मिलियन घन मीटर है, जिसके मुकाबले वर्तमान में 362.97 मिलियन घन मीटर उपयोगी जल उपलब्ध है। यह कुल क्षमता का 47.32 प्रतिशत है। जलाशय में 1456 क्यूसेक पानी की आवक तथा 1100 क्यूसेक जावक दर्ज की गई है, जिससे जल स्तर संतुलित बना हुआ है।

मुरूमसिल्ली जलाशय जिले के जलाशयों में सबसे बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। यहां वर्तमान जल स्तर 375.10 मीटर दर्ज किया गया है तथा कुल उपयोगी क्षमता के मुकाबले 82.70 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है। वहीं दुधावा जलाशय में 423.57 मीटर जल स्तर के साथ 221.92 मिलियन घन मीटर उपयोगी जल संग्रहित है, जो इसकी कुल क्षमता का 78.11 प्रतिशत है। सोंदूर जलाशय में भी संतोषजनक स्थिति बनी हुई है। यहां वर्तमान जल स्तर 1506.84 मीटर दर्ज किया गया है। 180 मिलियन घन मीटर की कुल उपयोगी भराव क्षमता वाले इस जलाशय में वर्तमान में 113.323 मिलियन घन मीटर जल उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का लगभग 63.08 प्रतिशत है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार जलाशयों में मौजूद यह जल भंडारण आगामी खरीफ सीजन की प्रारंभिक सिंचाई आवश्यकताओं और पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। विभाग द्वारा सभी प्रमुख जलाशयों के जल स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि जरूरत के अनुसार जल प्रबंधन और वितरण सुचारु रूप से किया जा सके। भीषण गर्मी के दौर में जलाशयों की यह स्थिति जिले के लिए राहतभरी खबर मानी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा