बालिका शौचालय निर्माण में धमतरी जिला प्रदेश में प्रथम

 




आठ विद्यालयों में बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा, जिले में 335 शौचालय बनाने का लक्ष्य

मेरी बेटी-मेरा स्वाभिमान’ को धरातल पर उतार रहा धमतरी

धमतरी, 07 नवंबर (हि.स.)। विद्यालयों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण विकसित करने की दिशा में धमतरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत बालिका शौचालय निर्माण के मामले में धमतरी जिला छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर है।

जिले में अब तक आठ विद्यालयों में बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इनमें धुमा, उमरदा, चुही, सिहावा, परसट्टी, डोमा, अंगारा और कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत कोटगांव के विद्यालय शामिल हैं। इस योजना के तहत जिले में कुल 335 बालिका शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने शनिवार काे बताया कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक, स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की उपलब्धता उनकी गरिमा, स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। जिले के सभी विद्यालयों में बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल की शुरुआत कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमा स्थित प्राथमिक शाला परिसर से हुई, जहां जिले का पहला बालिका शौचालय बनाया गया। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को इसका लोकार्पण किया गया। इसी क्रम में कोटगांव के विद्यालय में आठवें शौचालय का निर्माण भी पूरा हो गया है। नवनिर्मित शौचालयों को आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है। भवन पर बड़े अक्षरों में ‘मेरी बेटी-मेरा स्वाभिमान’ का संदेश अंकित किया गया है, जो बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

कोटगांव विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। लगभग 4.50 मीटर × 3.60 मीटर क्षेत्र में निर्मित इस शौचालय में पृथक शौचालय कक्ष, पानी, हाथ धोने की सुविधा, धुलाई क्षेत्र, प्रकाश और वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रैम्प का भी निर्माण किया गया है। जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायतों में विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार बालिका शौचालय बनाए जा रहे हैं। अब तक आठ विद्यालयों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सभी निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का उद्देश्य बालिकाओं को स्वच्छता, निजता और सम्मान के साथ शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा