धमतरी बना प्रदेश का पहला जिला, जहां पैक्स के माध्यम से किसानों को मिलेगी ड्रोन आधारित कृषि सेवा

 




सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने किया शुभारंभ, स्वयं ड्रोन उड़ाकर देखा संचालन

धमतरी, 23 जुलाई (हि.स.)। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के विस्तार की दिशा में धमतरी ने प्रदेश में नई मिसाल कायम की है। धमतरी छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है, जहां पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों) के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गुरूवार काे ग्राम लोहरसी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जिले की 10 समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सुविधा का शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने स्वयं ड्रोन उड़ाकर उसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में चयनित समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन करते हुए उर्वरक और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, कम समय में अधिक क्षेत्र के उपचार, लागत में कमी, श्रम की बचत तथा सुरक्षित कृषि प्रबंधन की उपयोगिता को प्रदर्शित किया। किसानों ने भी इस नई तकनीक के प्रति उत्साह जताते हुए इसे खेती के लिए बेहद उपयोगी बताया।

इस अवसर पर केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक गांव-गांव तक पहुंचाने का यह प्रयास खेती को वैज्ञानिक, सुरक्षित और अधिक लाभकारी बनाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक से समय और श्रम दोनों की बचत होगी, कृषि श्रमिकों की कमी की समस्या से राहत मिलेगी और किसान कम लागत में अधिक प्रभावी ढंग से दवा एवं उर्वरक का छिड़काव कर सकेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि धमतरी को कृषि नवाचारों का मॉडल जिला बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है और भविष्य में इस सुविधा का विस्तार अन्य सहकारी समितियों तक भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं कीटनाशक विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया गया तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले की बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंडेल, गाड़ाडीह, जुगदेही और करेली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा से जोड़ा गया है। इन समितियों के माध्यम से किसान नाममात्र के सेवा शुल्क पर ड्रोन आधारित छिड़काव सुविधा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे कृषि यंत्रीकरण को गति मिलेगी और आधुनिक तकनीक गांव-गांव तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि सीएससी इ गवर्नेश सर्विस इंडिया लिमिटेड के सहयोग से इन समितियों को कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जहां किसानों को ड्रोन सेवाओं के साथ विभिन्न डिजिटल और शासकीय सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगी और डिजिटल सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक के उपयोग से रसायनों का संतुलित एवं लक्षित छिड़काव संभव होगा, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा, फसलों की गुणवत्ता बेहतर होगी और खेतों में सीधे प्रवेश की आवश्यकता कम होने से फसलों को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा। साथ ही प्रशिक्षित युवाओं के लिए ड्रोन संचालन रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, औषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, डीएफओ कृष्ण जाधव, जनप्रतिनिधि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, सीएससी प्रतिनिधि, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा