सारंगढ़-बिलाईगढ़ में स्थापित होगा देवभोग दुग्ध संयंत्र, पशुपालकों को मिलेगा नया बाजार
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिले में देवभोग दुग्ध संयंत्र स्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने शुक्रवार को पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित संयंत्र से स्थानीय स्तर पर दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा मिलने के साथ डेयरी आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने पशुधन विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विभाग ऐसी कार्ययोजना तैयार करे, जिससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो और युवाओं तथा महिला स्व-सहायता समूहों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ा जा सके।
देवभोग उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए खुलेंगे नए केंद्र
जिले में देवभोग दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री बढ़ाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में विक्रय केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक देवभोग विक्रय केंद्र शुरू किया जाएगा। आगामी राज्योत्सव में भी देवभोग उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था करने को कहा गया है। इससे उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
पशुधन योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज
समीक्षा बैठक के दौरान पशुधन विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तत्काल तेजी लाने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मैदानी स्तर पर लापरवाही और योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौवंश तस्करी पर सख्ती, चार माह में नौ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज
बैठक में गौवंश की अवैध तस्करी और गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक महेंद्र पांडेय ने बताया कि पिछले चार महीनों में गौवंश तस्करी से जुड़े मामलों में नौ लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को सूचनातंत्र मजबूत करने और गौवंश के अवैध व्यापार की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन को सूचित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पशु टीकाकरण और चिकित्सा सेवाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के प्रसव, पीपीआर और सीएसएफ टीकाकरण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी गतिविधियों की जानकारी भारत पशुधन पोर्टल पर समय से दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने और विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
निराश्रित गौवंश के संरक्षण को लेकर कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में चारे और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पशु चिकित्सा सेवाओं में रिक्त पदों के कारण आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने रिक्त पदों की जानकारी प्रस्तुत करने और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में पशुधन विकास विभाग, देवभोग दुग्ध संघ, मोबाइल वेटरनरी यूनिट के पशु चिकित्सक, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT