कोरबा : रोजगार की मांग को लेकर 4 नवंबर को कुसमुंडा खदान बंद और कोल परिवहन रोकने की चेतावनी
कोरबा, 26 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने एसईसीएल की कुसमुंडा खदान क्षेत्र में आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कोरबा और एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक को आज ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर 4 नवंबर 2026 को कुसमुंडा खदान बंद करने तथा कोल परिवहन बाधित करने की चेतावनी दी है।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के अनुसार, कुसमुंडा खदान के विस्तार के लिए पूर्व में और वर्तमान में कई गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। खदान विस्तार से आसपास के गांव प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। संगठन का आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनियां 70 और 30 प्रतिशत के प्रावधान के नाम पर दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों को रोजगार दे रही हैं, जबकि खनन प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगारों को अवसर नहीं मिल रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि खदान विस्तार के लिए जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है, वहां के बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग कंपनियों में पहली प्राथमिकता के साथ रोजगार दिया जाए। खनन प्रभावित जिले के स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। आउटसोर्सिंग कंपनियों का काम समाप्त होने पर नई कंपनियों में पुराने कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा जाए। साथ ही, रोजगार में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
किसान सभा ने गोदावरी कंपनी का काम बंद होने से बेरोजगार हुए कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 4 नवंबर को कुसमुंडा खदान बंद करने के साथ कुसमुंडा थाना क्षेत्र, बारामपुर और सर्वमंगला मंदिर के पास से गुजरने वाले कोयला परिवहन को रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी