जैतपुरी में वन अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग, पांच गांवों के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट

 


धमतरी, 26 मई (हि.स.)। सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में जंगल कटाई, वन अतिक्रमण और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर पांच गांवों के ग्रामीण मंगलवार को आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। घुरावड़, बरबांधा, भुरसीडोंगरी, अमाली और आमगांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जैतपुरी क्षेत्र में लाखों पेड़ों की कटाई कर वनभूमि पर कब्जा किया जा रहा है जिससे हाथियों का विचरण प्रभावित होने के साथ मानव-वन्यप्राणी संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। वहीं सांकरा-जैतपुरी सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।

सरपंच घुरावड़ महेश राम नेताम और बरबांधा के पूर्व सरपंच पीलाराम कोर्राम ने आरोप लगाया कि ग्राम जैतपुरी के कुछ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर वनभूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। अतिक्रमणकारियों के पास राजस्व भूमि होने के बावजूद वे अभ्यारण्य क्षेत्र के जंगलों में पेड़ों की कटाई कर कब्जा कर रहे हैं। वर्ष 2008 के बाद से लगातार जंगलों की कटाई हुई है जिससे वन क्षेत्र तेजी से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जब अतिक्रमण का विरोध किया था, तब उनके खिलाफ झूठे पुलिस प्रकरण दर्ज कराए गए थे। हाल ही में घने बांस जंगलों में आग लगाकर नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया। जंगलों की अवैध कटाई से हाथियों और अन्य वन्य प्राणियों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे हैं, जिसके कारण हाथियों का दल गांवों की ओर रुख कर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हाथियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़कर और मशाल जलाकर उन्हें दूसरे गांवों की ओर खदेड़ा जाता है जिससे आसपास के गांवों में खतरा बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि, यदि समय रहते वन कटाई और अतिक्रमण पर रोक नहीं लगी तो मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की स्थिति और गंभीर हो सकती है। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने सांकरा-घटुला-जैतपुरी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि लगभग 35 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का डामरीकरण लगभग 20 वर्ष पहले हुआ था। इसके बाद से न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही चौड़ीकरण। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क में जगह-जगह गड्ढों हो गए हैं जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ घटुला एवं बेलरगांव बस स्टैंड में धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम किया जाएगा। इस दौरान लखन लाल मरकाम, शिव कुमार, बीजू राम, रतन लाल, सत्यवान, जोगेश्वर सहित बड़ी संख्या में पांच गांव के ग्रामीण उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा