पर्यावरणीय जनसुनवाई निरस्त करने की मांग, प्रशासन को सौंपा गया आवेदन

 

रायगढ़ , 09 जुलाई (हि.स.)। ग्राम सुपा, तहसील पुसौर, जिला रायगढ़ में प्रस्तावित अदानी थर्मल पावर प्लांट की स्थापना को लेकर 13 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली पर्यावरणीय जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की गई है। जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत तहसीलदार पुसौर, कलेक्टर रायगढ़ तथा क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को आज आवेदन प्रस्तुत कर प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल निरस्त करने का आग्रह किया गया है।

आवेदन में बताया गया है कि ग्राम सुपा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई आयोजित की जानी है। इस परियोजना को लेकर क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों के बीच संभावित पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।

आवेदन में कहा गया है कि पर्यावरणीय जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए, बल्कि स्थानीय नागरिकों की वास्तविक भागीदारी, आपत्तियों एवं सुझावों को सुनने का प्रभावी माध्यम होना चाहिए। परियोजना से कृषि भूमि, जल स्रोतों, जनस्वास्थ्य, पर्यावरण एवं स्थानीय आजीविका पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक अध्ययन किया जाना आवश्यक है।

आवेदन में कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश, धूल एवं अन्य प्रदूषकों से वायु प्रदूषण की आशंका, भूजल एवं सतही जल स्रोतों पर दबाव, मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने, पशु-पक्षियों एवं जैव विविधता पर संभावित असर, भारी वाहनों की आवाजाही से सुरक्षा संबंधी खतरे तथा औद्योगिक गतिविधियों से स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने जैसी चिंताओं को प्रमुखता से उठाया गया है।

इसके अलावा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में जनसुनवाई आयोजित किए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

आवेदन के माध्यम से मांग की गई है कि 13 जुलाई 2026 को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही परियोजना के पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभावों का निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन कराया जाए तथा स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों एवं सुझावों को विधिसम्मत रूप से दर्ज कर उन पर गंभीरता से विचार किया जाए।

आवेदन में कहा गया है कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ जल, स्वच्छ वायु और स्वस्थ जीवन प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए किसी भी औद्योगिक परियोजना पर निर्णय लेते समय जनहित और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान