सिंदूर से पहले टूटी शादी, शराबी दूल्हे को लौटाने वाली बेटी अब बनी पुलिस की काउंसलर
जांजगीर-चांपा, 25 जून (हि. स.)। हाथों में मेहंदी थी, मांग में सिंदूर भरने की तैयारी चल रही थी और दोनों परिवार शादी की रस्मों में व्यस्त थे। तभी दुल्हन की नजर अपने होने वाले दूल्हे पर पड़ी। वह शराब के नशे में इस कदर धुत था कि ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। अगले ही पल दुल्हन ने ऐसा फैसला लिया, जिसने न केवल एक शादी रोक दी, बल्कि पूरे समाज को आत्मसम्मान और नशामुक्ति का मजबूत संदेश भी दे दिया। उसने सिंदूर की रस्म से ठीक पहले शादी से इनकार कर दिया और पूरी बारात को बैरंग लौटा दिया।
थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा की इस साहसी बेटी के फैसले की चर्चा पूरे प्रदेश में हुई। लोगों ने इसे महिला सम्मान, आत्मगौरव और नशे के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम बताया। अब जांजगीर-चांपा पुलिस ने भी उसके साहस को सलाम करते हुए उसे सम्मानित किया है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने आज गुरुवार काे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में युवती को सम्मानित किया और परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर का महिला काउंसलर नियुक्त किया। उनका कहना था कि जिस युवती ने अपने जीवन के सबसे बड़े फैसले में आत्मसम्मान को चुना, वह निश्चित रूप से समाज की अन्य महिलाओं को भी सही निर्णय लेने की प्रेरणा दे सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के खिलाफ युवती का साहसिक कदम केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का संदेश है। इससे युवाओं को यह सीख मिलेगी कि नशे की लत रिश्तों को भी बर्बाद कर सकती है, जबकि महिलाओं को अपने सम्मान और अधिकारों के लिए निर्भीक होकर निर्णय लेने का हौसला मिलेगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, सीएसपी योगिताबाली खापर्डे, डीएसपी सतरूपा तारम, थाना प्रभारी अशोक वैष्णव सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT