दंतेवाड़ा में दर्शन के लिए नागरिकों एवं वीआईपी की अलग-अलग कतारे हाेगी, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 500 जवान
दंतेवाड़ा, 11 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दंतेश्वरी के दर्शन करने दंतेवाड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इस बार कुछ विशेष नियमों का पालन करना होगा। नवरात्रि में बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आम नागरिकों और वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है।
वीआईपी दर्शन के लिए 500 रुपये शुल्क निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए भी अलग लाइन रहेगी, जबकि मोबाइल फोन मंदिर के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अलग-अलग कतारों का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखना और आम श्रद्धालुओं को भी सुचारू रूप से मां के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है। इस बार मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को मंदिर के प्रवेश द्वार के पास निर्धारित सुविधा केंद्र में अपने मोबाइल फोन और जूते-चप्पल टोकन लेकर जमा करने होंगे। मां के दर्शन के बाद टोकन दिखाकर अपना सामान वापस प्राप्त किया जा सकेगा।
प्रशासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य दर्शन के दौरान लगने वाले अतिरिक्त समय को कम करना, कतारों को व्यवस्थित रखना और भीड़ के दबाव से भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को रोकना है। ऐसे में मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अपील है कि वे पहले से इन व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर ही मंदिर पहुंचें। मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने स्थित सिटी कोतवाली दंतेवाड़ा के बगल में मोबाइल फोन और जूते-चप्पल रखने के लिए सुविधा केंद्र बनाया गया है। दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपना मोबाइल फोन और जूते-चप्पल यहां जमा कर टोकन लेना होगा। दर्शन के बाद उसी टोकन के आधार पर सामान वापस मिलेगा।
मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य दर्शन की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाना है। मंदिर के भीतर मोबाइल से फोटो खींचने और सेल्फी लेने में श्रद्धालुओं का समय खर्च होता है, जिससे कतारों की गति प्रभावित हो सकती है। इसलिए श्रद्धालु घर से ही इस बात की तैयारी करके आएं कि मंदिर परिसर में मोबाइल लेकर प्रवेश नहीं मिलेगा। वीआईपी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी मोबाइल संबंधी इस नियम का पालन करना होगा।
दंतेवाड़ा जिला कलेक्टर देवेश ध्रुव ने कहा कि मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और लगातार बढ़ रही दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्किंग, यातायात और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु सुविधापूर्वक मां के दर्शन कर सकें।
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 500 जवान तैनात रहेंगे। यह जवान दंतेवाड़ा जिले की सीमा, गीदम से लेकर भैरम बाबा मंदिर और भैरमगढ़ रोड सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालेंगे। सुरक्षा में सशस्त्र और बिना हथियार वाले जवानों की तैनाती की जाएगी, जो चौबीसों घंटे सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे