कृषि धन-धान्य योजना में दंतेवाड़ा देश के 100 जिलों में हासिल किया 5वां स्थान
दंतेवाड़ा , 16 सितंबर (हि.स.)। बस्तर के वनांचल क्षेत्र दंतेवाड़ा ने कृषि विकास और प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में राष्ट्रीयस्तर पर अपनी पहचान बनाई है। भारत की महत्वाकांक्षी सरकार प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के क्रियान्वयन, निर्धारित प्रमुख संकेतकों (केपीआई) की शत-प्रतिशत प्रविष्टि एवं अद्यतन मूल्यांकन में दंतेवाड़ा जिले ने देश भर के चयनित 100 जिलों में 5वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीयस्तर के शीर्ष 10 में स्थान बनाने वाला पहला और एक मात्र जिला बना है। दंतेवाड़ा की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोदो-कुटकी, रागी और देशी धान की किस्मों के उत्पादन को वैज्ञानिक तरीकों से बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही जैविक खेती और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के लिए रासायनिक खादों के स्थान पर वर्मी कंपोस्ट और प्राकृतिक जीवामृत के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया। मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन की सलाह दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे