बलरामपुर : 22 फीट गहरे जलाशय में डूबे राजकुमार का मिला शव, बिना लाइफ जैकेट के पानी में उतारने का आराेप

 


बलरामपुर, 26 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव में जलाशय की लीकेज ठीक करने के दौरान डूबे 55 वर्षीय राजकुमार मरावी का शव बुधवार दोपहर करीब 11:30 बजे बांध की नहर से बरामद किया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों पर राजकुमार को बिना लाइफ जैकेट और जरूरी सुरक्षा इंतजामों के गहरे पानी में उतारने का आरोप लगाया है। घटना के बाद गांव में नाराजगी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, त्रिकुंडा जलाशय से करीब एक महीने से पानी का रिसाव हो रहा था। इसकी मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग के टाइम कीपर अनिल गुप्ता और चौकीदार अहमद अली मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के राजकुमार मरावी को भी काम के लिए बुलाया गया।

परिजनों का कहना है कि राजकुमार की तबीयत पहले से ठीक नहीं थी और उन्होंने जलाशय पर जाने से इनकार किया था। इसके बावजूद उन्हें कई बार बुलाया गया। परिवार का आरोप है कि पहले 500, फिर 1000 और बाद में 5000 रुपये देने की बात कहकर उन्हें काम के लिए तैयार किया गया।

परिजनों के अनुसार, राजकुमार को करीब 22 फीट गहरे पानी में लीकेज ठीक करने के लिए उतारा गया। इस दौरान उनके पास लाइफ जैकेट या कोई दूसरा सुरक्षा उपकरण नहीं था। कुछ समय बाद जब वह पानी से बाहर नहीं आए तो ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।

ग्रामीणों ने बताया कि राजकुमार को खोजने के दौरान करीब 15 साल के एक बच्चे को भी कमर में रस्सी बांधकर पानी में उतारा गया था। हालांकि बच्चा सुरक्षित बाहर आ गया। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। दोनों टीमों ने मौके पर पहुंचकर जलाशय में तलाश शुरू की।

रातभर चली तलाश, दोपहर में मिला शव

राजकुमार की तलाश मंगलवार रात तक जारी रही। बुधवार दोपहर करीब 11:30 बजे उनका शव बांध की नहर में मिला। पुलिस की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद सिंचाई विभाग के कुछ जिम्मेदार कर्मचारी मौके से चले गए। इसे लेकर भी लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने गहरे पानी में किसी व्यक्ति को उतारने से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे।

पूर्व विधायक ने एफआईआर की मांग की

घटना के बाद पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और कांग्रेस नेता संतोष यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि अगर राजकुमार को लाइफ जैकेट और जरूरी सुरक्षा उपकरण दिए गए होते तो उनकी जान बच सकती थी। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह और इसमें किसकी जिम्मेदारी थी, यह जांच के बाद ही साफ होगा। पुलिस और प्रशासन की जांच के साथ सिंचाई विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय