साइबर ठगी से बचाव के लिए पैरालीगल वालेंटियर्स को दिया प्रशिक्षण, डिजिटल अरेस्ट के तरीकों से कराया अवगत

 


धमतरी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। धमतरी जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने धमतरी पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायालय परिसर स्थित सभागार में विभिन्न थानों से जुड़े पैरालीगल वालेंटियर्स (पीएलवी) के लिए विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू और उनकी तकनीकी टीम ने प्रतिभागियों को साइबर अपराधों के नए तौर-तरीकों, अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही तकनीकों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

साथ ही प्रशिक्षित वालेंटियर्स को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर धमकाने, वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव बनाने, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन टास्क के नाम पर ठगी तथा बैंक और सिम कार्ड केवाईसी अपडेट के बहाने होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को समझाया गया कि पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग या न्यायालय के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर पैसे मांगना साइबर ठगी का एक तरीका है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहें, किसी को पैसे न दें, गोपनीय जानकारी साझा न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।

साइबर थाना की टीम ने बैंकिंग और मोबाइल सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करने तथा किसी के कहने पर एनीडेस्क या टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप इंस्टॉल करने से भी बचें। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, अधिक मुनाफे का लालच देने वाली निवेश योजनाओं और घर बैठे कमाई के नाम पर चलाए जा रहे फर्जी ऑनलाइन टास्क से सतर्क रहने की सलाह दी गई।

पुलिस ने बताया कि, साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से संबंधित बैंक खाते या लेनदेन पर आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है और ठगी की राशि को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।

धमतरी पुलिस ने पैरालीगल वालेंटियर्स से अपने कार्यक्षेत्र के गांवों, हाट-बाजारों, स्कूलों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। विशेष रूप से महिलाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और ग्रामीण नागरिकों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाकर उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण के लिए जनजागरूकता जरूरी है। सतर्क रहें, जागरूक बनें और साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा