पक्षियों के जाने के बाद जिला अस्पताल में पेड़ों की कटाई-छंटाई शुरू

 




धमतरी, 01 मई (हि.स.)। जिला अस्पताल परिसर में प्रवासी पक्षियों के हटने के बाद प्रशासन ने गंदगी और दुर्गंध की समस्या को दूर करने के लिए कार्रवाई की है। शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने अस्पताल परिसर के पेड़ों की कटाई-छंटाई की। जिससे बदबू से राहत मिलने की उम्मीद है।

जिला अस्पताल परिसर में लंबे समय से पेड़ों पर बड़ी संख्या में बगुला सहित अन्य प्रवासी पक्षियों ने बसेरा बना लिया था। इनके मल-मूत्र से पार्किंग, गाड़ियां और आसपास का पूरा इलाका गंदा हो गया था। दुर्गंध इतनी अधिक थी कि मरीजों, डाक्टरों और कर्मचारियों को मास्क और रुमाल लगाकर चलना पड़ रहा था। पक्षियों के पेड़ों में बसे होने के कारण पहले कार्रवाई नहीं हो पाई थी। जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर लगातार पत्राचार किया गया था।

वहीं कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने भी पेड़ों की छंटाई के निर्देश दिए थे। एक मई को राजस्व और वन विभाग की सक्रियता से समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठाया गया। पक्षियों के हटने के बाद वन विभाग की मदद से चार पेड़ों की कटाई-छंटाई की गई है। इससे जहां एक ओर गंदगी और बदबू की समस्या कम होने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर लोगों को गर्मी में छांव नहीं मिलने की चिंता भी सताने लगी है। अस्पताल के मंदिर परिसर में स्थित पेड़ों की कटाई-छंटाई के लिए समिति ने अनुमति नहीं दी जिसके कारण वहां कार्रवाई नहीं हो सकी। इस संबंध में डिप्टी रेंजर वन परिक्षेत्र धमतरी अर्जुन निर्मलकर ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं वन मंडलाधिकारी कार्यालय से जिला अस्पताल के चार पेड़ों की कटाई-छंटाई के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ था। पक्षियों की समस्या को देखते हुए आज टीम भेजकर कार्रवाई की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा