तीज पर्व पर सवारी वाहनों में बढ़ी भीड़, मायके जाने वाली महिलाओं की बढ़ी आवाजाही
धमतरी, 12 सितंबर (हि.स.)। सुहाग, सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना का पर्व हरतालिका तीज नजदीक आते ही महिलाओं में उत्साह बढ़ गया है। तीज व्रत रखने वाली महिलाएं जहां पर्व की तैयारियों में जुटी हैं, वहीं मायके जाने का सिलसिला भी तेज हो गया है।
शनिवार को शहर के अलग-अलग बस स्टैंड पर तीजहारिन महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ नजर आई। कोई बस से तो कोई आटो और मोटरसाइकिल से बच्चों व सामान के साथ मायके की ओर रवाना होती दिखाई दी। नया बस स्टैंड, रत्नाबांधा मार्ग स्थित बस स्टैंड और सिहावा चौक स्थित बस स्टैंड में दिनभर महिलाओं की आवाजाही बनी रही। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ बसों की जानकारी लेते और वाहन का इंतजार करते नजर आईं। पर्व के चलते ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं शहर पहुंचीं और यहां से अपने मायके जाने के लिए बसों व अन्य सवारी वाहनों का सहारा लिया। भीड़ बढ़ने के साथ ही बसों और ऑटो में यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है। ऐसे में भीड़ के बीच यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। महिलाओं और बच्चों की अधिक आवाजाही को देखते हुए बस स्टैंडों में अतिरिक्त सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है। हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए कठिन निर्जला व्रत रखती हैं।
पर्व में निर्जला व्रत रखती हैं महिलाएं:विप्र विदवत परिषद के मीडिया सलाहकार पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि, धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रती महिलाएं पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करती हैं। पर्व पर रेत अथवा काली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश की प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। तीज पर सोलह श्रृंगार का भी विशेष महत्व माना जाता है। महिलाएं नए वस्त्र धारण करने के साथ मेहंदी, चूड़ी, बिंदी सहित पारंपरिक श्रृंगार कर पूजा-अर्चना करती हैं। पर्व की रात भजन-कीर्तन और जागरण की भी परंपरा है। महिलाएं रातभर जागरण कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा