लक्ष्मी पूजन के एक दिन पूर्व शनिवार को बाजार में लगी ग्राहकों की भीड़

 




धमतरी, 07 नवंबर (हि.स.)। दीपावली पर्व के अवसर पर बाजार में खरीदी बिक्री का दौर जारी है। लक्ष्मी पूजन के एक दिन पूर्व शनिवार को शहर में लक्ष्मी पूजन की सामग्री के साथ अन्य सामानों की जमकर खरीदी बिक्री हुई। सिलयारी, मेमरी फूल, लक्ष्मी माता की फोटो, बताशे, लाई सहित अन्य पूजन सामग्रियों की खरीद के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।

ग्रामीण क्षेत्रों से खरीददारी करने पहुंचे लोगों की भीड़ सूपा, टोकरी बेचने वालों के पास ज्यादा दिखी। मकई चौक के पास भीड़ रही। प्लास्टिक व झालर वाले मालाओं की बिक्री भी खूब हुई। विक्रेताओं ने बताया कि लोग वाहन तथा देवी-देवताओं के पोस्टर पर माला लगाने के लिए इसे खरीदकर ले जाते हैं। बाजार में पिछले साल की तरह छोटी मालाओं की कीमत 10 रुपये तथा बड़े मालाओं की कीमत 40 से 50 रुपये रही। गोवर्धन पूजन के लिए सिलयारी के फूल व सेमरी की बिक्री भी हुई। बताशे की कीमते 15 प्रतिशत तक बढ़ी। मां लक्ष्मी की पूजा में बताशे तथा लाई का खास महत्व है। इसके चलते इन सामानों की खूब बिक्री हुई। कई वर्षों से शहर में बताशा, इलाइची दाना, पेड़ा व अन्य सामन बेच रहे जगतराम साहू के अनुसार इस साल बताशों की कीमतों में आंशिक वृध्दि करनी पड़ी है, क्योंकि शक्कर की कीमतें बढ़ी है। शहर में बेचने के लिए बताशे रायपुर से लाते हैं। बढ़ती लागत के कारण इसे घर पर बनाना छोड़ दिया है।

गोवर्धन पूजा की तैयारी के लिए लोग सूपा-टोकरी, तेंदू की लाठी, शकरकंद, कोचई, कुम्हड़ा, मोरपंख व अन्य त्यौहारी सामान खरीदने व्यस्त दिखे। सुरेश कंडरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में परंपरा के अनुसार गायों को खिचड़ी खिलाई जाती है। मान्यता अनुसार नया सूपा व टोकरी में खिचड़ी बनाकर गायों को खिलाते हैं। इस खिचड़ी में शकरकंद, कोचई और कुम्हड़ा का खास महत्व है। इसी के चलते इन सामानों की कीमतें तीन दिनों के भीतर बढ़ गई है। गोवर्धन पूजन तक इनकी कीमतें और बढ़ने की संभावना है। ग्वालिन से घर आंगन को जगमग रोशनी से सजाने लोगों ने दीयों की खूब खरीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा