बलरामपुर : फसल बीमा की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 14 अगस्त तक मौका

 

बलरामपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। खरीफ फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब किसान 14 अगस्त तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकेंगे। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई थी।

कृषि विभाग के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले में धान (सिंचित और असिंचित), मक्का, मूंगफली, मूंग, उड़द, सोयाबीन, अरहर, कोदो, कुटकी और रागी को योजना में शामिल किया गया है। किसानों को कुल बीमित राशि का 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा।

प्रति हेक्टेयर प्रीमियम धान सिंचित के लिए 1100 रुपये, धान असिंचित के लिए 880 रुपये, मक्का 814 रुपये, मूंगफली 924 रुपये, मूंग और उड़द 484-484 रुपये, सोयाबीन और अरहर 660-660 रुपये, कोदो 352 रुपये, कुटकी 374 रुपये तथा रागी के लिए 330 रुपये निर्धारित है।

योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने, बुवाई नहीं हो पाने, फसल कटाई प्रयोग के आधार पर उपज में कमी और फसल कटाई के बाद 14 दिनों के भीतर ओलावृष्टि, चक्रवात या बेमौसम बारिश से हुए नुकसान पर बीमा सुरक्षा का प्रावधान है। नुकसान होने पर किसान 72 घंटे के भीतर बैंक, लोक सेवा केंद्र, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447 या व्हाट्सऐप नंबर 70655-14447 पर सूचना दे सकते हैं।

ऋणी और अऋणी दोनों तरह के किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। अऋणी किसानों को आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका (बी-1), बैंक पासबुक, बुवाई प्रमाण पत्र या स्वघोषणा पत्र और मोबाइल नंबर देना होगा। बटाईदार, काश्तकार और साझेदार किसानों को संबंधित घोषणा पत्र भी जमा करना होगा।

किसान अपने नजदीकी प्राथमिक कृषि साख समिति, बैंक, एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी, लोक सेवा केंद्र या संबंधित मोबाइल एप के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। बीमा के लिए आधार का बैंक खाते से अपडेट और सत्यापन होना जरूरी है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा लें, ताकि प्राकृतिक आपदा से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से सुरक्षा मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय