छत्तीसगढ़ में बने अटल परिसरों की मूर्तियों की गुणवत्ता अब सवालों के घेरे में

 




-अब मरवाही नगर पंचायत में अटल की एक और प्रतिमा में दरारें

रायपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति में प्रदेशभर में बने अटल परिसरों की मूर्तियों की गुणवत्ता अब सवालों के घेरे में है। कटघोरा के बाद अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही नगर पंचायत में स्थापित अटल की आदमकद प्रतिमा में भी दरारें और टूट-फूट सामने आई है।

मरवाही नगर पंचायत में 25 दिसंबर 2025 को अटल जयंती के अवसर पर अटल जी की एक आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में इस प्रतिमा में साफ तौर पर गंभीर दरारें और टूट-फूट दिखाई दे रही हैं, जिससे निर्माण की खराब गुणवत्ता उजागर हुई है।नगर वासियों का कहना है कि इसे धातु से बना बताया गया है और यह विशुद्ध ब्रॉन्ज/कांस्य की है तो इतनी जल्दी दरारें कैसे? स्थानीय नागरिकों और विपक्षी दलों का कहना है कि यह केवल एक वित्तीय घोटाला नहीं है, बल्कि देश की इतनी महान विभूति के सम्मान और जनमानस की श्रद्धा व आस्था के साथ खुला खिलवाड़ है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मरवाही स्थित प्रतिमा की जांच के लिए भी एक तकनीकी टीम भेजी जा रही है। मूर्ति किस धातु या सामग्री से बनी है और इसमें दरारें क्यों आईं, इसका पता लगाने के लिए इसके घटकों के सैंपल कलेक्ट कर लैब टेस्ट कराए जाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और संभाग आयुक्त से मांग की है कि मरवाही नगर पंचायत के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी,ठेकेदार के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

ज्ञात हो कि कटघोरा नगर पालिका में हाल ही में नवनिर्मित 'अटल परिसर' में स्थापित प्रतिमा में बड़ा घोटाला सामने आया है। करीब ₹14 लाख की लागत से यहाँ ब्रॉन्ज (कांस्य) की प्रतिमा लगाई जानी थी। लेकिन हाल ही में हुई बारिश के कारण जब प्रतिमा का पेंट उखड़ा, तो अंदर से सीमेंट और कंक्रीट का ढांचा दिखाई देने लगा।कटघोरा मामले में लापरवाही और मानकों के उल्लंघन को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने उप अभियंता चंद्र प्रकाश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इसे एक बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए कड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।कांग्रेस और स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे प्रदेश की सभी मूर्तियों की जांच हो।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा