विद्युत शिकायत निवारण शिविर में सबसे ज्यादा मिली बढ़े बिजली खपत की शिकायतें

 


बठेना वार्ड में लगा विद्युत शिकायत निवारण शिविर

धमतरी, 17 जुलाई (हि.स.)। नगर निगम धमतरी अंतर्गत बठेना वार्ड में बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायतों की जांच के दौरान विभागीय टीम को अधिकांश मामलों में स्मार्ट मीटर और बिलिंग में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं मिली। जांच में सामने आया कि कई मकानों में एक से अधिक परिवार और किराएदार रहने के कारण बिजली की खपत बढ़ी है, जिससे उपभोक्ताओं का बिजली बिल भी अधिक आया।

बठेना वार्ड में शुक्रवार को आयोजित विद्युत संबंधी शिकायत निवारण शिविर में अधिक बिजली बिल को लेकर 35 आवेदन प्राप्त हुए। शिकायतों के बाद विभागीय टीम ने संबंधित उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर स्मार्ट मीटर की जांच की और बिजली खपत का भौतिक सत्यापन किया। जिसमें 28 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया है। सहायक यंत्री धमतरी शहर भारत लाल सिन्हा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 15 से 31 जुलाई तक विभिन्न वार्डों में विद्युत संबंधी शिकायत निवारण एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शिविर लगाए जा रहे हैं।

विभागीय टीम ने प्रत्येक शिकायतकर्ता के घर पहुंचकर स्मार्ट मीटर, बिजली खपत और उपयोग किए जा रहे विद्युत उपकरणों की जांच की। जांच के दौरान किसी भी उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर में तकनीकी गड़बड़ी और बिलिंग त्रुटि नहीं मिली। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि कई मकानों में दो से तीन परिवार एक साथ रह रहे हैं, वहीं कई घरों में किराएदार भी निवास कर रहे हैं। इससे बिजली की खपत सामान्य से अधिक दर्ज हुई, जिसका सीधा असर मासिक बिजली बिल पर पड़ा। इसी कारण किसी भी बिजली बिल में संशोधन की आवश्यकता नहीं पड़ी। शिविर में केवल अधिक बिल की शिकायतों का ही नहीं बल्कि गलत रीडिंग, नाम संशोधन, बकाया राशि, किस्त सुविधा, नए कनेक्शन एवं लंबित प्रकरणों से संबंधित शिकायतों का भी परीक्षण कर निराकरण किया गया। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव नहीं था, उन्हें विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

कनिष्ठ अभियंता शेष नारायण देवांगन ने बताया कि शिविर में बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मोर बिजली एप डाउनलोड कराया जा रहा है। इस एप के माध्यम से उपभोक्ता हर 30 मिनट में होने वाली बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही प्रतिदिन और प्रतिमाह बिजली उपयोग की विस्तृत रिपोर्ट भी देख सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को यह समझने में आसानी होगी कि किस समय बिजली की खपत अधिक हो रही है और किन उपकरणों के उपयोग से बिल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एप के उपयोग से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नियमित निगरानी रख सकेंगे और बिजली बिल को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति से बच सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा