स्व-गणना के लिए तीन दिन शेष, एक मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक

 




धमतरी, 27 अप्रैल (हि.स.)। देशव्यापी जनगणना अभियान के तहत 16 अप्रैल से जारी स्व-गणना प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। नागरिकों के पास अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने के लिए केवल तीन दिन शेष हैं 30 अप्रैल इसकी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसके बाद एक मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

जनगणना 2027 में नागरिकों को कुल 33 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी देनी होगी। इसमें घर के संबंध में सात प्रश्न, परिवार के संबंध में आठ प्रश्न, घर की बुनियादी जरूरतें बिजली, पेयजल, शौचालय, नाली निकासी आदि 10 प्रश्नों के उत्तर देना होगा। इसके साथ ही घरेलू उपकरणों की उपलब्धता रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, वाहन सहित अन्य आठ बिंदुओं की जानकारी ली जाएगी। जिले में स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से जारी है। यह ऐच्छिक है और नागरिक अपनी सुविधा अनुसार इसमें भाग ले सकते हैं। जो लोग स्व-गणना नहीं कर पाएंगे उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। एक मई से 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना से संबंधित जानकारी एकत्र कर उसे आनलाइन दर्ज करेंगे।

नगर निगम के उपायुक्त पी सी सार्वा ने बताया कि, भारत की जनगणना 2027 के तहत नगर निगम धमतरी क्षेत्र में मकान सूचीकरण का कार्य एक से 30 मई तक किया जाएगा। इसके लिए निगम क्षेत्र में 200 प्रगणकों की नियुक्ति की गई है। निगम के एआरआई प्रगणकों को उनके निर्धारित जनगणना क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। सोमवार को मास्टर ट्रेनर नवीन साहू और हरीश सिन्हा द्वारा इन प्रगणकों को जनगणना संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। शहर की लगभग एक लाख 10 हजार आबादी तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी एकत्र करेंगे। स्व-गणना के लिए 30 अप्रैल तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। स्व-गणना के लिए 30 अप्रैल तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। शहरवासी निर्धारित पोर्टल पर स्व-गणना फार्म भरकर अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नागरिकों से भारत सरकार के स्व-गणना के डिजिटल विकल्प का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि नागरिक पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी स्वयं भर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और समय की बचत करने वाली है। स्व-गणना से प्राप्त आंकड़े अधिक सटीक और पारदर्शी होते हैं जिससे शासन को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, आधारभूत संरचना सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। सही आंकड़े ही योजनाओं के बेहतर निर्धारण और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा