बलरामपुर के स्कूल में आशाराम बापू की किताब बांटने पर विवाद, अभिभावकों ने की शिकायत

 


बलरामपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में विद्यार्थियों को आशाराम बापू की पुस्तक ‘संस्कार सरिता’ दिए जाने का मामला सामने आया है। बच्चों के घर किताब लेकर पहुंचने के बाद अभिभावकों ने इस पर आपत्ति जताई और शिक्षा विभाग से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की। शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को जांच के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, आज बुधवार को स्कूल में मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राओं को यह पुस्तक वितरित की गई थी। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को किताब पढ़कर आने के लिए कहा गया है और इसके आधार पर परीक्षा लिए जाने की बात भी कही गई है। इसे लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं कि स्कूल में इस तरह की पुस्तक बांटने का निर्णय किस आधार पर लिया गया।

बताया जा रहा है कि आशाराम बापू के कुछ अनुयायी स्कूल पहुंचे थे। उनके माध्यम से प्रिंसिपल महेश प्रजापति की मौजूदगी में विद्यार्थियों को पुस्तकें दी गईं। इसके बाद बच्चों को किताब पढ़कर आने के लिए कहा गया। हालांकि, पुस्तक वितरण और परीक्षा से संबंधित निर्देशों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अभिभावकों ने पुस्तक के लेखक से जुड़े विवादों का हवाला देते हुए बच्चों को यह किताब दिए जाने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों को किसी व्यक्ति विशेष की पुस्तक उपलब्ध कराने और उसे पढ़ने के लिए कहने से पहले उसके औचित्य पर विचार किया जाना चाहिए। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र नीरापुरे ने बीईओ को मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं। अब जांच में यह देखा जाएगा कि पुस्तकें किन परिस्थितियों में वितरित की गईं और विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए पढ़ने का निर्देश दिया गया था या नहीं। शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय