राशन दुकान में अप्रैल का चना नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान

 


ग्राहक उचित मूल्य दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर

धमतरी, 27 मई (हि.स.)। शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले चना वितरण में अव्यवस्था सामने आने लगी है। अप्रैल माह का चना नहीं मिलने से क्षेत्र के कई उपभोक्ता शासकीय उचित मूल्य दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि पहले सेल्समैन ने यह कहकर वापस लौटा दिया कि अप्रैल और मई माह का चना एक साथ मई में दिया जाएगा, लेकिन अब मई माह में दुकान पहुंचने पर कहा जा रहा है कि अप्रैल माह का चना ऑनलाइन नहीं दिख रहा, इसलिए वितरण नहीं हो पाएगा। हिमांशु, निकेश, नीलम, राज, कुणाल सहित कई उपभोक्ताओं ने बताया कि शासन द्वारा दोनों माह का चना उचित मूल्य दुकानों में भेज दिया गया है, इसके बावजूद उन्हें केवल एक माह का ही चना दिया जा रहा है। जहां दो माह के हिसाब से चार पैकेट मिलने चाहिए थे, वहां सिर्फ दो पैकेट देकर उपभोक्ताओं को लौटा दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

उपभोक्ताओं का कहना है कि आखिर जब अप्रैल और मई दोनों माह का चना दुकानों में उपलब्ध है, तो फिर एक माह का चना रोका क्यों जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इधर उचित मूल्य दुकानों के संचालन समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दुकानों के बाहर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालन का समय दीवार लेखन में दर्ज है, लेकिन कई दुकानें दोपहर 12 बजे ही बंद कर दी जाती हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले कई हितग्राही राशन लेने से वंचित हो रहे हैं। शिकायत करने पर दुकानदारों द्वारा भीषण गर्मी का हवाला देकर दुकान जल्दी बंद करने की बात कही जा रही है।

मामले में फूड इंस्पेक्टर वी चंदेल ने बुधवार काे बताया कि अप्रैल और मई माह का चना उचित मूल्य दुकानों में उपलब्ध है, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल में दिखाई देने पर ही वितरण किया जाएगा। हालांकि उपभोक्ताओं का सवाल है कि तकनीकी समस्या का खामियाजा आखिर गरीब हितग्राहियों को क्यों भुगतना पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा